Varanasi News: वाराणसी में एक दिन पहले अच्छी बारिश हुई, लोगों को गर्मी से भी राहत मिली। इसके साथ ही खेतों में पानी भर जाने से किसानों के मायूसी देखी गई। चौराहों और काॅलोनियों में लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा।

सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा बारिश काशी और पूर्वांचल की खेती-बाड़ी के लिए अच्छा संकेत है। बनारस में मानसून सीजन जून, जुलाई और अगस्त में कुल 635.3 मिमी बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर 485.9 मिमी बारिश का आंकड़ा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार बारिश का पैटर्न भी बदला है। रिमझिम बारिश से खेतों में पानी धीमे-धीमे भर रहा और धान समेत फसलें नष्ट नहीं हो रही।
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, इस बार ग्राउंड वाटर रिचार्ज भी बेहतर हुआ है। इससे खेती लायक अच्छी स्थितियां तैयार हो गई हैं। धान के खेतों को इसी तरह की रिमझिम बारिश की जरूरत होती है, जिससे खेत भरे न कि फसलें लेट जाए।
बारिश ऐसी रही कि दोपहर में काशी का पारा सिर्फ 25-26 डिग्री के आसपास ही रहा। मौसम वैज्ञानिक प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि अगले 4-5 दिनों तक बारिश की संभावना कम है लेकिन इस बार सावन में पूर्वांचल में अच्छी बारिश देखने को मिली है। यह यहां के किसानों के लिए अच्छा संकेत है।

इस बारिश में छा गई धुंध : कई जगह बूंदाबांदी वाली बारिश के चलते धुंध भी छाई रही। सिंधौरा समेत हाइवे के किनारों पर दृश्यता भी घट गई, जिससे आने जाने वाले वाहनों की रफ्तार कम हो गई। लोगों को हल्की ठंड सी महसूस हुई। हवा में नमी तो 95 फीसदी रही लेकिन लोगों को उमस से काफी से राहत मिल गई।

इन इलाकों में हुई अच्छी बारिश : बनारस के शहरी इलाकों में चौक, लंका, सिगरा, कैंट, भेलूपुर, शिवपुर, मंडुआडीह, लहरतारा, सारनाथ, पांडेयपुर, आशापुर और गांवों में चौबेपुर, लोहता, कछवां, चोलापुर, सिंधौरा, रोहनिया, चिरईगांव, सेवापुरी, दानगंज, मोहनसराय आदि इलाकों में अच्छी बारिश हुई। गांवों की फसलों के लिए बारिश फायदेमंद साबित होगी।

सड़कों और गलियों में कीचड़, जलभराव
लगातार बारिश के चलते बुधवार को शहर की अधिकांश सड़कें और गलियों में कीचड़ हो गया। कुछ जगहों पर जलभराव भी रहा। बारिश के साथ ही नगर निगम के जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। चौराहों, काॅलोनियों में लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। कई निजी वाहन भी पानी में बंद होते दिखे।
सुंदरपुर, भिखारीपुर, सामनेघाट, भगवानपुर, चौकाघाट, ककरमत्ता ओवर ब्रिज, बनारस स्टेशन और कैंट स्टेशन के सामने सड़क पर कीचड़ और जलभराव रहा। गिरजाघर से गोदौलिया के बीच स्थिति बद से बदतर हो गई। कोदई चौकी, सुनार गली में कीचड़ हो गया। ट्राॅमा सेंटर बीएचयू और सर सुंदरलाल अस्पताल के गेट पर पानी लग गया।

