विधानसभा में बाबू की नौकरी दिलाने के नाम पर दो ठगों ने एक युवक से 9 लाख रुपयों की ठगी कर ली। आरोपियों ने उसे फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भी व्हाट्सएप किया, जिससे पीड़ित उनके झांसे में आ गया।

बेरोजगार और पैसों के लालच में आने वाले लोग अक्सर शातिर ठगों का शिकार हो जाते हैं। नागौर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें 22 वर्षीय युवक को विधानसभा में बाबू की नौकरी का झांसा देकर 9 लाख रुपए की ठगी की गई। पीड़ित की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार गोगानाडा निवासी रामसिंह पुत्र सुखसिंह राजपूत ने रिपोर्ट दी कि वह बेरोजगार है और नौकरी की तलाश में था। जयपुर में खेल की तैयारी के दौरान उसकी मुलाकात जयपुर के शिव विहार कॉलोनी निवासी रणवीरसिंह शेखावत और शिवाजी नगर निवासी राजकुमार सिंह तंवर से हुई। दोनों ने उसे भरोसा दिलाया कि वे विधानसभा में नौकरी लगवा सकते हैं, खासकर उन लोगों की जिनके पास खेल प्रमाण पत्र हो।
आरोपियों ने 6 मार्च 2022 को रामसिंह के गांव पहुंचकर उसके शैक्षणिक व खेल संबंधी दस्तावेज देखे और नौकरी दिलाने के बदले उन्होंने 9 लाख रुपए की मांग की। इसके साथ ही ये आश्वासन भी दिया कि नौकरी नहीं लगने पर ब्याज सहित पूरी राशि लौटा दी जाएगी।
उसी दिन रामसिंह ने आरोपियों को 2 लाख 87 हजार रुपए नकद दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने विधानसभा के लेटरपैड पर बना क्लर्क की पोस्ट का फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर पीड़ित को व्हाट्सएप किया, जिससे उसे उन पर भरोसा हो गया। आरोपियों ने उससे 500 रुपए का खाली स्टाम्प पेपर और दो खाली चेक भी लिए। फिर अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन पैसे मंगवाते रहे और इस तरह से कुल 9 लाख रुपए हड़प लिए। पैसे लेने के बाद आरोपी उसे बार-बार जयपुर बुलाकर विधानसभा के सामने घुमाकर टालमटोल करते रहे।
बहुत समय गुजर जाने के बाद जब रामसिंह ने पैसे वापस मांगे या नौकरी दिलाने को कहा, तो आरोपियों ने साफ मना कर दिया कि न तो नौकरी मिलेगी और न ही पैसे। उल्टा उन्होंने खाली चेक और स्टाम्प का दुरुपयोग कर उसे फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने बताया कि उसने यह रकम बड़ी मुश्किल से उधार लेकर जुटाई थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी रणवीरसिंह शेखावत और राजकुमार सिंह तंवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

