Himachal Weather: बारिश से कई जगह तबाही, गाड़ियां-दुकानें मलबे में दबीं, पुल ध्वस्त; भूस्खलन से 617 सड़कें बंद

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हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी बारिश ने फिर तबाही मचाई है। मानपुरा के मानकपुर में ढेला पंचायत व दवनी औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाला पुल सुबह तेज बारिश के दौरान ध्वस्त हो गया। निरमंड उपमंडल के उर्टू में भारी बारिश से नाले का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन से पांच गाड़ियां दबने की सूचना है।

Himachal Weather: Heavy rains cause devastation, vehicles, shops buried under debris,Bridge collapsed

हिमाचल प्रदेश में रात से जारी भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन, बाढ़ से कई क्षेत्रों में तबाही हुई है। सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र मानपुरा के मानकपुर में ढेला पंचायत व दवनी औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाला पुल सुबह तेज बारिश के दौरान ध्वस्त हो गया। इस मार्ग के बंद होने से मानपुरा से दवनी व वर्धमान क्षेत्र की ओर उद्यमियों व कामगारों को अब वाया बद्दी व चनालमाजरा होकर जाना पड़ रहा है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में चार नेशनल हाईवे सहित 617 सड़कें बंद हैं। 1491 बिजली ट्रांसफार्मर व 265 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं।

इन उपमंडलों में स्कूल बंद
भारी बारिश के चलते राज्य के कई उपमंडलों में आज शिक्षण संस्थान आज बंद रखने का फैसला लिया गया है। शिमला शहर के कई निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। इसके साथ ही ठियोग, चौपाल, कुमारसैन डिवीजन में आज शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। आनी और निरमंड उपमंडलों के शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित कर दिया है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका बनी हुई है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करे।

निरमंड के उर्टू में पांच गाड़ियां मलबे में दबीं, सात दुकानों को भी क्षति
निरमंड उपमंडल के उर्टू में भारी बारिश से नाले का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन से पांच गाड़ियां दबने की सूचना है। सात दुकानों को भी क्षति पहुंची है। बारिश और भूस्खलन की चपेट में सड़क भी आई है और यातायात ठप हो गया है। वहीं किन्नौर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण किन्नौर कैलाश यात्रा मार्ग के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन की ओर से बचाव टीम की ओर से देर रात किन्नौर कैलाश के रास्ते में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया। वहीं  निगुलसरी में एनएच पांच भूस्खलन से बाधित हो गया।

कालका-शिमला हाईवे पर चक्कीमोड़ में पहाड़ी से फिर हुआ भूस्खलन
कालका-शिमला नेशनल हाईवे चक्कीमोड़ के समीप भूस्खलन से बाधित हो गया। पहाड़ी से बारिश के पानी के साथ अधिक मात्रा में मलबा आ गया। इससे सड़क दलदल में तबदील हो गई है। वहीं पहाड़ी से लगातार पत्थर आने का सिलसिला भी जारी है। इससे वाहनों की लंबी कतारें एनएच पर लग गईं। मौके पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। वहीं जिले भर में दर्जन सड़कें बंद पड़ी है। सोलन जिले में स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों को आज बंद कर दिया है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने आदेश जारी कर दिए हैं।  उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने खड्ड व नालों से दूर रहने का आग्रह किया है। रात भर से बारिश के लगातार जारी क्रम से नालों व खड्ड उफान पर आ गए है।

शिमला शहर में भी जगह-जगह भूस्खलन
शिमला शहर में भी भारी बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। कई जगह पेड़ भी गिरे है। लिफ्ट एचएचएच होटल से आगे पेड़ गिरने से सड़क बंद हो गई। संजाैली और छोटा शिमला के पास सुबह बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां अचानक पेड़ गिर गया जिससे आवाजाही कर रही गाड़ियां बाल-बाल बचीं। बंगारा-कलहट्टी सड़क पर भी पेड़ गिर गया। इससे बरात की बस के साथ अन्य गाड़ियां भी फंस गईं।

प्रदेश में इतने दिन बरसेंगे बादल
बीती रात को कसौली में 145.0, धर्मपुर 122.8, गोहर 120.0, मालरांव 103.2, बग्गी 95.9, नगरोटा सूरियां 93.4, श्री नयना देवी 86.4, सुंदरनगर 80.3, कांगड़ा 71.4 व बिलासपुर में 70.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश में 12 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। इस दाैरान कुछ भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बघेईगढ़ पंचायत के कंगेला गांव के ऊपर दरकी पहाड़ी
चंबा जिले में लगातार बारिश के बाद अब पहाड़ दरकना शुरू हो गए हैं। चुराह उपमंडल की बघेईगढ़ पंचायत के कंगेला गांव के ऊपर पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हो गया। चट्टानें तेजी से गांव की ओर लुढ़कीं, लेकिन गनीमत रही कि बड़ी चट्टान ने दिशा बदल ली। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया। लोग दहशत में सुरक्षित जगह की ओर भागे। पंचायत की ओर से गांव में रह रहे 12 परिवारों को दूसरे गांव में शिफ्ट कर दिया। अब स्थिति सामान्य होने पर ग्रामीण अपने घर लौट सके।

मानसून में अब तक 2,033 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 5 अगस्त तक 194 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 301 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 86 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है।  बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 2,033 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,610 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,551 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,85,251.98 लाख रुपये पहुंच गया है।

 मंडी-कुल्लू हाईवे पर तेल के टैंकर पर गिरे पत्थर, भूस्खलन से रातभर फंसे रहे यात्री
भारी बारिश के चलते मंडी से कुल्लू को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) बीती रात 8:00 बजे से पूरी तरह से बंद हो गया। 9 मील के पास कैंची मोड़ और दवाड़ा फ्लाईओवर के आसपास बड़ी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। दवाड़ा फ्लाईओवर के पास खड़े एक तेल के टैंकर पर पत्थर गिरने से स्थिति और भी गंभीर हो गई। रास्ता बंद होने के कारण लोगों को पूरी रात अपनी गाड़ियों में ही बितानी पड़ी। प्रशासन की ओर से राहत कार्य सुबह शुरू किया गया। सुबह 8:00 बजे तक मंडी से पंडोह तक का मार्ग आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। हालांकि, पंडोह से कुल्लू तक के मार्ग को पूरी तरह बहाल करने में अभी समय लग सकता है। पुलिस व प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और ट्रैफिक को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बड़सर–पीपलू मुख्य मार्ग पर भूस्खलन
ऊना और हमीरपुर जिलों को जोड़ने वाले बड़सर–पीपलू मुख्य मार्ग पर रच्छोह गांव के आगे भारी बारिश के चलते भूस्खलन हुआ है। इससे सड़क पूरी तरह से बंद हो गई। ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग क्षेत्र का मुख्य संपर्क मार्ग है और रोजाना सैकड़ों लोग इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे पूरी सड़क अवरुद्ध हो गई।

 

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Author: NIMRA SALEEM

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