Nurse Murder In Gorakhpur: संत कबीर नगर जिले में हुए स्टाफ नर्स हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। अस्पताल संचालक ने ही स्टाफ नर्स की हत्या की थी। पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी अस्पताल संचालक को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

Nurse Murder Case: संतकबीरनगर के संस हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर की नर्स व रिसेप्शनिस्ट की हत्या अस्पताल संचालक ने ही की थी। पुलिस की पूछताछ में संचालक ने गला दबाकर हत्या करने की बात कबूल की है। दूसरे युवक से फोन पर बात करने से नाराज संचालक ने घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी अस्पताल संचालक को जेल भेज दिया है।
एसपी सत्यजीत गुप्त ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि बस्ती जनपद के एक गांव निवासी एक शख्स ने सूचना दी थी कि उनकी नतिनी संस हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर टेमा रहमत में नर्स के रूप में कार्यरत है। अस्पताल वालों ने उसकी मौत की सूचना दी है। इसमें अस्पताल संचालक रामजी राव की भूमिका संदिग्ध है
अस्पताल संचालक का नर्स से था प्रेम प्रसंग
सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। युवती का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमे गला दबाने व गले की हड्डियां टूटने की बात सामने आई। एसपी ने बताया कि अस्पताल संचालक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि उसका नर्स से प्रेम संबंध था। वह इधर कुछ दिनों से अस्पताल के एक अन्य कर्मी से बात करने लगी थी। यह बात उसे गवारा नहीं थी। सात अप्रैल को रात करीब आठ बजे रामजी राव ने नर्स को छत पर बुलाया और उसे उक्त कर्मी से दूर रहने और बात करने से मना किया। इस बात पर वह तैयार नहीं हुई।
इससे नाराज अस्पताल संचालक ने ममता को दो-चार थप्पड़ मार कर गला दबाने का प्रयास किया। इस बीच हॉस्पिटल की एक अन्य कर्मचारी छत पर आ गई। उसने एक मरीज आने की बात कही, जिसके बाद वह अस्पताल के नीचे आ गया। अगले दिन सुबह सात बजे मौका पाकर नर्स के कमरे में गया। उस समय बिजली कटी हुई थी और सीसीटीवी कैमरा बंद था। मौके का फायदा उठाते हुए उसने नर्स की गला दबाकर हत्या कर दी। दरवाजे के ऊपर से हाथ डालकर अंदर से कमरे की सिटकिनी बंद कर दी और अपने कमरे में आकर सो गया।

कुछ देर बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने नर्स के कमरे से सोने और दरवाजा न खोलने की बात बताई तो वह मौके पर पहुंचा और मौत को सामान्य रूप देने के लिए ऊपर से ही दरवाजे की सिटकिनी खुलवाकर नर्स को इलाज के लिए बेड पर लिटा दिया। इसके बाद उसके घर वालों को मौत की सूचना दे दी। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अस्पताल संचालक रामजी राव शादीशुदा है। उसके चार बच्चे हैं। उसको डर था कि प्रेम प्रसंग का मामला कहीं परिवार को पता चला तो उसका परिवार टूट जाएगा। इससे बचने के लिए उसने नर्स को रास्ते से हटाने का फैसला किया और उसका गला दबा कर हत्या कर दी।
नर्स का अस्पताल संचालक से छह माह पहले भी झगड़ा हुआ था। पुलिस की पूछताछ में अस्पताल संचालक रामजी राव ने बताया कि अस्पताल के एक कर्मी से नर्स लगातार बातें करती थी, जिसको लेकर छह माह पहले भी उसका नर्स से झगड़ा हुआ था। काफी कहने के बाद भी वह नहीं मानी और लगातार बातें करती रही।
अस्पताल में बोर्ड लगा है। जिस पर पंजीकृत डॉक्टर का नाम लिखा और कर्मचारियों का भी नाम दर्ज है। लेकिन पुलिस की पूछताछ में पंजीकृत डॉक्टर और बोर्ड पर लिखे नाम का कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। वहां पर सभी बाहरी कर्मचारी मिले।
एसपी सत्यजीत गुप्त ने बताया कि नर्स का मोबाइल संचालक के पास से बरामद किया गया है। मोबाइल को सर्विलांस जांच के लिए भेजा गया है, ताकि व्हाट्सएप में जो भी मैसेज हो उसे रिकवर किया जा सके। इसमें जो भी लोग संलिप्त होंगे, उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने बुधवार को मृत स्टाफ नर्स के परिजनों को ढांढ़स बधाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस हर संभव प्रयास करेगी। बुधवार को विज्ञप्ति के माध्यम से कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार भले ही बेहतर कानून व्यवस्था का दावा करे लेकिन आए दिन जिस प्रकार से रहस्यमयी घटनाएं, मौत, हत्याओं के मामले सामने आ रहे हैं, वह चिंताजनक है। इसके सभी पहलुओं की जांच होने के साथ ही दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चेतावनी दी कि न्याय न मिला तो कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य
संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली इलाके के टेमा रहमत स्थित संस हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में काम करने वाली नर्स की अस्पताल में हत्या कर दी गई। उसके गले में तीन जगह खरोंच के निशान मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में गले की तीन हड्डियां टूटी मिली हैं। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर संचालक रामजी राव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। वहीं सीएमओ के निर्देश पर टीम ने अस्पताल सील कर दिया है।
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पहुरा गांव के निवासी एक शख्स की पोती 24 वर्षीय युवती खलीलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर स्थित निजी अस्पताल में नर्स थी। सोमवार रात में 11 बजे उसने मां को फोन करके बताया कि हॉस्पिटल में ही रुकेगी और सुबह घर आएगी।
Author: planetnewsindia
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