औरंगजेब की मकबरे की इन दिनों देश में खूब चर्चा है। मकबरे को हटाने की मांग को लेकर कई दक्षिणपंथी संगठनों ने प्रदर्शन भी किया। यही वजह है कि मकबरे की सुरक्षा का मामला संसद में भी उठा। जिस पर सरकार ने बताया कि मकबरे की सुरक्षा के लिए क्या एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

सरकार ने संसद में बताया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) मुगल शासक औरंगजेब के मकबरे को बचाने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन के साथ मिलकर सभी जरूरी एहतियाती कदम उठा रहा है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। दरअसल सवाल किया गया था कि औरंगजेब के मकबरे के संरक्षण की जिम्मेदारी एएसआई की है। ऐसे में हालिया धमकियों के बाद क्या एएसआई ने अपनी वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है या नहीं।
सरकार ने बताया मकबरे की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए
इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि औरंगजेब का औरंगाबाद के खुलदाबाद में स्थित मकबरा एएसआई संरक्षित है और इसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। इसके साथ ही मकबरे की सुरक्षा के इंतजामों को लेकर भी सवाल किया गया। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एएसआई लगातार एहतियाती कदम उठा रहा है और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है ताकि मकबरे को किसी भी नुकसान से बचाया जा सके। मकबरे के चारों चरफ 12 फीट ऊंची धातु की चादर लगाई गई है। साथ ही घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए तारबंदी की गई है। सरकारी के साथ ही निजी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। थोड़े थोड़े अंतराल पर निरीक्षण और जांच की जा रही है।
इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि औरंगजेब का औरंगाबाद के खुलदाबाद में स्थित मकबरा एएसआई संरक्षित है और इसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। इसके साथ ही मकबरे की सुरक्षा के इंतजामों को लेकर भी सवाल किया गया। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एएसआई लगातार एहतियाती कदम उठा रहा है और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है ताकि मकबरे को किसी भी नुकसान से बचाया जा सके। मकबरे के चारों चरफ 12 फीट ऊंची धातु की चादर लगाई गई है। साथ ही घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए तारबंदी की गई है। सरकारी के साथ ही निजी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। थोड़े थोड़े अंतराल पर निरीक्षण और जांच की जा रही है।
टिकटों की बिक्री से सबसे ज्यादा कमाई करने वाली धरोहर है ताजमहल
सरकार ने संसद में बताया कि देश में टिकटों की बिक्री से सबसे ज्यादा कमाई करने वाली धरोहर ताजमहल है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि बीते पांच वर्षों में टिकटों की बिक्री से कमाई के मामले में ताजमहल शीर्ष पर है। वहीं आगरा का ही आगरा किला और दिल्ली स्थित कुतुब मीनार दूसरी और तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एएसआई संरक्षित धरोहरें हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में तमिलनाडु का मल्लापुरम और कोणार्क का सूर्य मंदिर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुतुब मीनार और लाल किला दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
सरकार ने संसद में बताया कि देश में टिकटों की बिक्री से सबसे ज्यादा कमाई करने वाली धरोहर ताजमहल है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि बीते पांच वर्षों में टिकटों की बिक्री से कमाई के मामले में ताजमहल शीर्ष पर है। वहीं आगरा का ही आगरा किला और दिल्ली स्थित कुतुब मीनार दूसरी और तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एएसआई संरक्षित धरोहरें हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में तमिलनाडु का मल्लापुरम और कोणार्क का सूर्य मंदिर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुतुब मीनार और लाल किला दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
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Author: planetnewsindia
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