एक बेहद दुखद घटना में 15 साल की नाबालिग लड़की ने अपनी ही बहन से हुए झगड़े के बाद फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर पर सिर्फ दोनों बहनें मौजूद थीं, जबकि परिवार के बाकी लोग किसी काम से बाहर गए हुए थे। जब परिजन लौटे तो बेटी को फंदे से लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस के मुताबिक दोनों बहनों के बीच किसी छोटी सी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। झगड़ा इतना बढ़ गया कि किशोरी गहरे मानसिक तनाव में चली गई। गुस्से और भावनात्मक कमजोरी में उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार सामान्य था और पहले कभी इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन शुरुआती जांच में बहन से हुए विवाद को ही मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस परिजनों और आस-पास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
मृतका की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि छोटी सी लड़ाई इतना बड़ा रूप ले लेगी। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए बच्चों की काउंसलिंग और पारिवारिक संवाद की जरूरत पर जोर दिया है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि किशोर उम्र में बच्चे भावनात्मक रूप से बेहद संवेदनशील होते हैं। गुस्से या डांट–फटकार के बाद उन्हें अकेला छोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है। माता–पिता को चाहिए कि बच्चों से खुलकर बात करें और उनके मन की बात समझें।