गुरु पंकज उत्सव एवं माहारी सम्मान की उद्घाटन संध्या में नृत्य शिल्पी आद्याशा मिश्रा ने ओडिसी नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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भुवनेश्वर:- आदिगुरु पंकज चरण दास की 106वीं जयंती के अवसर पर गुरु पंकज चरण ओडिसी शोध संस्थान द्वारा रवींद्र मंडप में तीन दिवसीय गुरु पंकज उत्सव एवं माहारी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। शाम की शुरुआत कलाकार आद्याशा मिश्रा के प्रदर्शन से हुई। उनकी तैयारी में ‘यज्ञसेनी’ नृत्य प्रदर्शन भी शामिल था, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य कलाकार आद्याशा मिश्रा ने अपनी अनूठी शैली से दर्शकों का मन मोह लिया। आद्याशा मिश्रा के नृत्य से दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

शाम के मुख्य अतिथियों में गुरु दुर्गा चरण रणबीर के पूर्व विधायक, प्रियंका फाउंडेशन की अध्यक्ष रोजलिन पट्टाशनी मिश्रा, गुरु केलुचरण महापात्र ओडिसी अनुसंधान केंद्र की अनुजा तारिणी मिश्रा, संस्था के अध्यक्ष बटकृष्ण त्रिपाठी और संपादक शरत दास शामिल थे। इस अवसर पर धीरज कुमार महापात्रा को वीणाकर सम्मान, मिचली चिंतारा को वाखुनी सम्प्रदा सम्मान, गुच्छ बुधनाथ स्वैन को माडेली सम्मान तथा कोलकाता की नृत्यांगना श्रीपंडा बोस को नचुनी सम्प्रदा सम्मान से सम्मानित किया गया।

मनोज कुमार त्रिपाठी
स्टेट हेड, ओडिशा
प्लानेट न्यूज़ इंडिया

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संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।