देर रात गभेणी में फिर लगी आग चिंदी के पोटलों में लगी आग पर 6 घंटे बाद काबू पाया

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‘गभेणी गांव में अलग अलग जगह कुछ अंतर पर खुले प्लाट हैं, जिनमें चिंदी के पोटलों के गोदाम बने हुए हैं। यहां भारी मात्रा में चिन्दी के पोटले व बंडल रखे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से एक के बाद एक इन गोदामों में भीषण आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। जिसके कारण बार-बार फायर ब्रिगेड को दौड़ना पड़ रहा है और आसपास के इलाकों में भंय का माहौल फैलने के साथ-साथ धुएं के कारण प्रदूषण भी फैल रहा है। दो दिन पहले गभेणी गांव में लगी आग पर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया था। इसी बीच देर रात एक बार फिर पोटलों में आग लग गई, जिससे फायर ब्रिगेड को फिर दौड़ना पड़ा।

फायर विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गभेणी गांव में स्थित ईश्वर महादेव मंदिर के पास गत देर रात चिंदी के पोटलों में आग लग गई। देर रात करीब साढ़े 12 बजे इसकी सूचना फायर कंट्रोल को मिली, जिसके बाद अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल कर्मियों का काफिला मौके पर पहुंचा और

भीषण आग पर काबू पाने की कवायद की गई। चिंदी के पोटला के कारण आग फिर से भीषण हो गई और दूर-दूर तक लपटें और काला धुआं दिखाई देने लगा। इस घटना से आसपास में भंय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भीषण आग पर फायर ब्रिगेड कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर रात भर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। फायर ऑफिसर विजय सोलंकी ने बताया कि रात को लगी आग पर सुबह करीब 7.30 बजे काबू पा लिया गया और अब स्थिति सामान्य है।

आग लगाई जा रही है

पिछले कुछ दिनों से गभेणी गांव में चिंदी के पोटलों के अलग अलग गोदामों में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। इस स्थिति में डिवीजनल फायर ऑफिसर ईश्वर पटेल ने कहा कि जिस जगह पर रात को में आग लगी थी. वह पिछली जगह से करीब 5 किलोमीटर दूर है। जिस तरह से बार-बार आग लग रही है और जिस तरह से आग रात करीब 10 बजे लगी और आग लगने की सूचना रात 12.30 बजे मिली, उससे लगला है कि आग बार-बार लगाई जा रही है। आग लगने के पीछे की वजह प्लॉट के मालिक और किराएदारों के बीच झगड़े भी हो सकते हैं। प्रेस रिपोर्टर आशीष शुक्ला प्लानेट न्यूज़ सूरत गुजरात इंडिया

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।