पापा माफ करना: मैं आपकी नालायक बेटी थी, लिखकर युवती ने की आत्महत्या, प्रेमी को ठहराया मौत का जिम्मेदार

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मौके से एक सुसाइड नोट में किरन नाम की युवती ने अपनी मौत के लिए संजू नाम के प्रेमी को जिम्मेदार ठहराया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा

पापा मैं आपकी नालायक बेटी थी। मैं आपके अरमानों पर खरी नहीं उतर सकी, इसलिए आत्महत्या कर रही हूं। मुझे माफ करना…यह लिखकर एक युवती किरन (20) ने 9 फरवरी रात अपने घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने माता-पिता, भाई और बहन के नाम पर चार-पांच पत्र लिखे हैं। पुलिस के अनुसार एक पत्र में युवती ने अपने प्रेमी को मौत का जिम्मेदार ठहराया है

किरन गांव हिदरामई निवासी राणा प्रताप सिंह की पुत्री थी। राणा प्रताप सिंह परिवार के साथ करीब 18 साल से अलीगढ़ रोड पर गंगीरी चौराहे पर रहते हैं। वह टेंपो चलाते थे, लेकिन काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। पत्नी उन्हें इलाज कराने के लिए पंजाब लेकर गई हुई है। उनके चार बच्चे हैं। इनमें बड़ा बेटा चमन (24) अपनी पत्नी सहित दिल्ली में रहता है। घर पर बड़ी बेटी किरन (20), करिश्मा (18) रमन (16) थे। रविवार रात किरन अलग कमरे में सोई थी।

10 फरवरी की सुबह करिश्मा और रमन की आंख खुली और किरन नजर नहीं आई, वह उसे जगाने के लिए कमरे में पहुंचे। दरवाजा खोलते ही उन्होंने किरन को फंदे पर लटके देखा तो शोर मचाया। इस पर आसपास के लोग भागकर अंदर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। एसओ सुमित गोस्वामी ने बताया कि किरन दसवीं कक्षा तक पढ़ी थी।

 

मौके से एक सुसाइड नोट में किरन नाम की युवती ने अपनी मौत के लिए संजू नाम के प्रेमी को जिम्मेदार ठहराया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि प्रथमदृष्टया मौत का कारण आत्महत्या प्रतीत हो रहा है। अभी मामले की तहरीर नहीं मिली है। -महेश कुमार, सीओ छर्रा।
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सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।