पश्चिम मध्य रेल ने जुलाई माह में गैर-किराया से 04 करोड़ का राजस्व अर्जित किया

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भोपाल। रेलवे में गैर-किराया राजस्व (नॉन फेयर रेवेन्यू) में वृद्धि के लिए नवाचारों और नवीन अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में नॉन फेयर रेवेन्यू के तहत प्रमुख विभागाध्यक्षों द्वारा तीनों मण्डलों पर नवाचारों और नवीन अवधारणाओं को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे है। जिसके चलते नॉन फेयर रेवेन्यू स्कीम यानि गैर-किराया राजस्व योजनाओं के अन्तर्गत रेलवे राजस्व अर्जित करने में पश्चिम मध्य रेल का वाणिज्य विभाग अहम भूमिका निभा रहा है। भोपाल, जबलपुर एवं कोटा तीनों मंडलों में गैर-किराया राजस्व के तहत जुलाई माह में कैटरिंग, पार्किंग, प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र एवं एनएफआर से सम्बंधित कई अनुबंध किए गए इसके अन्तर्गत कुल 03 करोड़ 99 लाख 06 हजार रूपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया गया।

पमरे में नॉन फेयर रेवेन्यू के अन्तर्गत जुलाई माह में निम्नानुसार अनुबन्ध किए गए :-

कैटरिंग से अर्जित किए रुपए 01 करोड़ 01 लाख : –

जबलपुर मण्डल पर ई-ऑक्शन के माध्यम से 13 मल्टी परपस स्टॉल हेतु 05 वर्षो के लिए अनुबंध किये गए हैं, जिनमें जबलपुर स्टेशन में 2, कटनी स्टेशन में 4, कटनी मुडवारा स्टेशन में 3 तथा सतना, दमोह, मदन महल एवं श्रीधाम स्टेशनों में 1-1 अनुबंध शामिल हैं। इन अनुबंधों के माध्यम से रेलवे को प्रतिवर्ष रूपये 01 करोड़ 01 लाख का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

पार्किंग से रुपए 01 करोड़ 84 लाख 76 हज़ार राजस्व अर्जित : –

जबलपुर मण्डल पर ई-ऑक्शन के माध्यम से जबलपुर स्टेशन पर पार्किंग हेतु 03 वर्षो के लिए अनुबंध किया गया है जिससे रेलवे को प्रतिवर्ष रूपये 01 करोड़ 01 लाख का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
भोपाल मण्डल पर ई-ऑक्शन के माध्यम से भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म क्र. 01 की तरफ तथा बीना स्टेशन के प्लेटफार्म क्र. 01 की तरफ पार्किंग हेतु 03 वर्षो के लिए अनुबंध किया गया है जिससे रेलवे को क्रमशः प्रतिवर्ष रूपये 81 लाख 11 हजार एवं 2 लाख 65 हजार का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

प्रधान मंत्री जन औषधि केंद्र से 72 हजार रुपये अर्जित किये : –

जबलपुर मंडल पर ई-ऑक्शन के माध्यम से कटनी स्टेशन पर प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का 03 वर्षो के लिए अनुबंध किया गया जिससे रेलवे को प्रतिवर्ष रूपये 15 हजार का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
भोपाल मंडल में भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म क्र. 01 की तरफ सरकुलेटिंग एरिया में प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का 03 वर्षो के लिए अनुबंध किया गया जिससे रेलवे को प्रतिवर्ष रूपये 01 हजार 500 रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
इसी प्रकार कोटा मंडल के कोटा स्टेशन पर प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का 03 वर्षो के लिए अनुबंध किया गया जिससे रेलवे को प्रतिवर्ष रूपये 56 हजार का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

अन्य नॉन फेयर रेवेन्यू से 01 करोड़ 12 लाख 58 हजार रूपये अर्जित किए : –

कोटा मण्डल पर ई-ऑक्शन के माध्यम से गाड़ी संख्या 12059/60 में वेनाइल रैपिंग का 03 वर्षो के लिए अनुबंध किया गया जिससे रेलवे को प्रतिवर्ष रूपये 70 लाख का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
कोटा मंडल पर ई-ऑक्शन के माध्यम से यूनीपोल्स/होर्डिंग्स पर वाणिज्यिक विज्ञापन हेतु अमली स्टेशन, मोड़क, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, गंगापुर सिटी एवं कोटा स्टेशनों पर 03 वर्षों के लिए अनुबंध किया गया जिससे रेलवे को कुल रुपये 26 लाख 06 हजार का राजस्व प्राप्त होगा I इसी प्रकार मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स के माध्यम से विज्ञापन हेतु कोटा स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर ई-ऑक्शन के माध्यम से 03 वर्षो के लिए अनुबंध किया गया जिससे रेलवे को प्रतिवर्ष रूपये 14 लाख 50 हजार का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। कार्यालय मंडल रेल प्रबंधक कोटा के स्टाफ कैंटीन हेतु ई-ऑक्शन के माध्यम से 03 वर्षो के लिए अनुबंध किया गया जिससे रेलवे को प्रतिवर्ष रूपये 02 लाख 02 हजार का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

पश्चिम मध्य रेल आगे भी नॉन फेयर रेवन्यू से आय बढ़ाने के लिए नये-नये इनोवेशन के आधार पर नई योजनाओं को लागू करने के लिए कृतसंकल्पित है।

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Author: planetnewsindia

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संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।