किला बंदी टिकट चेकिंग अभियान चलाकर अनियमित एवं बिना टिकट यात्रा करते 163 यात्री पकड़े

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भोपाल।पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय के कुशल मार्गदर्शन एवं मंडल रेल प्रबंधक के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अधिकृत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा रेल राजस्व में वृद्धि करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे है |

इसी क्रम में आज 22 अगस्त को भोपाल मंडल के बीना  स्टेशन पर 19 टिकट चेकिंग स्टाफ के सहयोग से किलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। पर्यवेक्षक टिकट चेकिंग स्टॉफ की निगरानी में चलाये गए इस टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन के बाहर निकलने वाले रास्ते की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी यात्री बिना जाँच के स्टेशन के बाहर न जा सकें।

इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन पर आने-जाने वाली 33 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले 85 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 39,800/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले 60 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 23,695/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे 17 यात्रियों  से रुपये 3400/- वसूल किया गया, स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए एक यात्री से 200/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई।
इस प्रकार बुधवार को बीना स्टेशन पर चलाये गए क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 163 मामलों से कुल रुपये 67,095/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ।

वहीं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक सौरभ कटारिया नें यात्रियों से अपील की है कि उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें | प्रतिक्षा सूची ई-टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट पर यात्रा करने की अनुमति नहीं है। प्लेटफॉर्म पर प्रवेश के लिए यात्रा टिकट या प्लेटफॉर्म टिकट होना आवश्यक है। यात्री IRCTC वेबसाइट/एप एवं UTS एप का उपयोग कर स्वयं भी टिकट बुक कर सकते है |

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Author: planetnewsindia

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।