Delhi Weather Today: दिल्ली-NCR में फिर बदला मौसम, कहीं काले बादल तो कहीं झमाझम बरसात

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Delhi Rains Today 23 August 2024 (File Photo)

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हो रही है. अगस्त 2024 में दिल्ली में मौसम का अभूतपूर्व पैटर्न देखा गया, जिसमें ऐतिहासिक आंकड़ों को पार करते हुए अत्यधिक बारिश रिकॉर्ड की गई. 22 अगस्त तक शहर में 11 बारिश वाले दिन दर्ज किए गए, जो पहले से ही औसत 10.2 दिनों से अधिक है.

देश की राजधानी दिल्ली और आस-पास के कई इलाकों में बारिश से मौसम एक बार फिर सुहावना हो गया है. कई इलाकों में काले बादल छाए हैं, जिससे झमाझम बारिश के आसार बन रहे हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां जारी हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में आज, 23 अगस्त 2024 को मध्यम श्रेणी की बारिश होगी.

फिर शुरू हुआ बारिश का दौर

नोएडा-गाजियाबाद की बात करें तो यहां भी मौसम विभाग ने आज से 27 अगस्त तक आसमान में आंशिक रूप से बादल और एक या दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है. वहीं, दिल्ली में 27 अगस्त तक मध्यम बारिश के आसार हैं. हालांकि, एक दिन यानी 24 अगस्त को बारिश की तादाद में कमी देखी जा सकती है.

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अगस्त में टूटा बारिश का रिकॉर्ड

बता दें कि अगस्त की बारिश ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. अगस्त 2024 में दिल्ली में मौसम का अभूतपूर्व पैटर्न देखा गया, जिसमें ऐतिहासिक आंकड़ों को पार करते हुए अत्यधिक बारिश हुई है. 22 अगस्त तक शहर में 11 बारिश वाले दिन दर्ज किए गए, जो पहले से ही औसत 10.2 दिनों से अधिक है. महीने में अभी नौ दिन बाकी हैं, उम्मीद है कि यह संख्या और बढ़ेगी. इस महीने कुल बारिश 269.9 मिमी  तक पहुंच गई है, जो 2014 के बाद से पहले 22 दिनों में सबसे अधिक दर्ज की गई है.

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Author: planetnewsindia

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।