आज कांग्रेस ने दो हजार रूपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर लगने वाले शुल्क के विरोध में एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम रखा था। इस कार्यक्रम के तहत विधायक अंजुला माहौर के घर पर दो हजार से ज्यादा की खरीद का सामान और उसकी रसीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उपहार के तौर पर दी जानी थी। हालांकि, इस कार्यक्रम में शामिल होने से पहले ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष पं. विवेक उपाध्याय को सुबह उनके गांव बांधनू स्थित घर पर पुलिस ने नजरबंद कर दिया।
पंडित विवेक उपाध्याय ने बताया कि कांग्रेस दो हजार रूपये से ज्यादा के यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लगाने के सरकार के फैसले का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने से पहले ही पुलिस का उन्हें घर पर रोकना प्रशासन के काम करने के तरीके पर सवाल उठाता है। उन्होंने सवाल उठाया, अगर हमारा कार्यक्रम शांतिपूर्ण था और हम सिर्फ सामान व उसकी रसीद विधायक के घर पर देने जा रहे थे, तो हमें घर में क्यों रोका गया? उपाध्याय ने कहा कि सरकार को विरोध की आवाज दबाने के बजाय जनता और व्यापारियों के सवालों का जवाब देना चाहिए। पं. विवेक उपाध्याय ने यह भी कहा कि घर में नजरबंद करने से कांग्रेस की आवाज नहीं दबेगी। कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर लगातार सवाल उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।

