हाथरस पहुंचे कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

हाथरस को जिला बने हुए दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी यहां के कैदियों को अलीगढ जेल में भेजा जाता है, क्योंकि यहां पर अभी तक जेल निर्माण नहीं हो सका है। लेकिन अब जल्द ही जिले में जेल बनने का कार्य शुरू हो जाएगा। इसे लेकर इगलास रोड पर जिला प्रशासन ने कई साल पहले ही 26.401 हैक्टेअर जमीन का अधिग्रहण भी किया जा चुका है। हाथरस के गांव बीछिया में प्रदेश के होमगार्ड और कारागार राज्य मंत्री स्वतंत्र (प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने जिला कारागार के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण किया और अधिकारियों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि जेल के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। जल्द ही यहां जेल का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस जेल की क्षमता 1026 कैदियों की होगी। इसकी भूमि का अधिग्रहण पहले ही हो चुका है। उन्होंने कहा कि हाथरस उनकी मातृभूमि है, चूंकि हाथरस में अपराधियों को सुधारने हेतु यहां कारागार निर्माण को प्राथमिकता पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। होमगार्ड मंत्री ने कहा कि होमगार्ड विभाग में जो भी शिकायत आएगी। विभाग अपने स्तर से जांच करेगा। इसमें जो भी पाया जाएगा, वही कार्रवाई की जाएगी। कारागार मंत्री ने कहा कि यदि पिछली सरकारों की तुलना में देखें तो आज जमीन आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में माफिया और बड़े-बड़े पेशेवर अपराधी ऐश-ओ- आराम के लिए जेल में जाते थे। अब बड़े-बड़े माफियाओं को भी जेल में आम कैदी की तरह रखा जाता है। इससे उनको अहसास होता है कि जेल जेल होती है। कोई भी नेटवर्क जेल से नहीं चल रहा। योगी जी के दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि अब तक जेल में कैदियों में आपस में कोई विवाद नहीं हुआ। इस मौके पर मुख्य रूप से डीएम अर्चना वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, डीआईजी, डीएम, एसपी सहित पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर मौजूद आदि मौजूद थे। भाजपाइयों ने उनका स्वागत भी किया।

Sunil Kumar
Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

सबसे ज्यादा पड़ गई

रोहतक में NIA की रेड: कमल कॉलोनी में किराये पर रह रहे फिजियोथेरेपिस्ट के मकान में जांच, 5 सदस्यीय टीम पहुंचीएनआईए लखनऊ की टीम ने हिसार पुलिस मदद से छह माह पहले लाखनमाजरा में दबिश देकर छतीसगढ़ के गांव मांझीगुड़ा निवासी प्रियांशु कश्यप को गिरफ्तार किया था। प्रियांशु लाखनमाजरा में किराये पर मकान लेकर रहता था।