पीएम नरेंद्र मोदी जालंधर में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर समेत करीब 5500 करोड़ रुपये की सौगात पंजाबियों को देंगे। साथ ही वे आगामी चुनाव के लिए चुनावी रणनीति को धार देंगे।

पंजाब में दलित राजनीति का गढ़ माने जाने वाले दोआबा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साढ़े पांच महीने में दूसरा दौरा भाजपा की चुनावी रणनीति को धार देगा।
अपने सियासी वजूद को मजबूत करना चाहती है भाजपा
दरअसल, भाजपा पिछले कुछ समय से पंजाब में अपने सियासी वजूद को और मजबूत करने में जुटी है। इसके लिए एकला चलो की नीति के तहत साल 2022 (विधानसभा चुनाव) और 2024 (लोकसभा चुनाव) में भाजपा अकेली ही चुनाव रण में उतरी थी। अब साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भी अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही भाजपा एक खास रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है। इसी के चलते दोआबा क्षेत्र में भाजपा का सबसे ज्यादा फोकस है।
पंजाब के माझा क्षेत्र की बात करें तो यहां भाजपा पठानकोट, अमृतसर इत्यादि शहरी क्षेत्रों में हिंदू वोट बैंक पर अपने खासे प्रभाव का दावा करती है मगर यहां ग्रामीण इलाकों में भाजपा का कैडर कमजोर है। उधर, मालवा क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक स्थिति जटिल और चुनौतीपूर्ण रही है।
हालांकि पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू समेत अन्य नेता इसी क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। यहां भाजपा बड़े औद्योगिक शहरों में अपना मजबूत जनाधार मानती है मगर इसी क्षेत्र की किसान जत्थेबंदियों को साधना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं है।