सहारनपुर में सरसावा-नकुड़ रोड पर सोमवार तड़के लखनऊ से आई एसटीएफ और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 1.25 लाख रुपये का इनामी कुख्यात बदमाश ललन सिंह मारा गया। वहीं, ललन सिंह के एनकाउंटर से सहारनपुर पुलिस फिर से अंजान रही।
सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र में 1.25 लाख रुपये के इनामी बदमाश ललन सिंह के एनकाउंटर ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 700 किलोमीटर दूर लखनऊ से पहुंची एसटीएफ ने रात के समय पूरी कार्रवाई अपने स्तर पर अंजाम दी। वहीं सरसावा पुलिस सोती रही। पुलिस को न तो पहले भनक लगी और मौके पर पहुंचने के बाद एसटीएफ ने वापस भेज दिया।
सोमवार तड़के एसटीएफ ने सरसावा क्षेत्र में 1.25 लाख रुपये के इनामी बदमाश ललन सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय रखी गई। स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी तब हुई, जब मुठभेड़ लगभग समाप्त हो चुकी थी। यह पहला मौका नहीं है, जब स्थानीय पुलिस अपने ही क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई से अनजान रही हो।
एसटीएफ रिकॉर्ड के मुताबिक, बदमाश ललन सिंह अपने भाइयों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कई संगीन अपराधों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ सात लोगों की हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और सरकारी हथियारों की लूट जैसे गंभीर मामले दर्ज थे। मारे गए लोगों में दो उप निरीक्षक, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे।
पहला सवाल यह है कि बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला ललन सिंह आखिर यहां क्यों आया था, जिसकी भनक लखनऊ एसटीएफ को लग गई और स्थानीय पुलिस सोती रह गई। अभी तक जांच में ऐसा कुछ आया नहीं है कि ललन सिंह यहां रह रहा था या कहीं पर छिपा हुआ था। दूसरा सवाल यह है कि मौके से भागा ललन का साथी कौन है। वह कोई स्थानीय है या फिर बिहार का रहने वाला है ये भी जांच का विषय है। तीसरा अहम सवाल यह है कि जिस तरीके से छह माह पहले सुल्तानपुर जिले के सिराज और अब ललन यहां पर ढेर हुए तो क्या यहां पूर्वांचल और बिहार के गैंग सक्रिय हो रहे हैं।
एसटीएफ के अनुसार, ललन सिंह अपने भाइयों के साथ मिलकर गैंग चलाता था। सितंबर 2022 में वह पटना में न्यायिक अभिरक्षा से फरार हो गया था। उसके भाई मनीश सिंह और रजनीश सिंह उसके साथ फरार हो गए थे। बाद में मनीश सिंह और रजनीश मुठभेड़ में मारे गए थे। मुठभेड़ में ललन सिंह की मौत के बाद उसके परिजनों को सूचना दे दी गई। हालांकि देर रात तक वह सहारनपुर नहीं पहुंचे थे और शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया था।
- 21 दिसंबर 2025 को गंगोह में गंगोह-शेरपुर मार्ग पर गांव सलारपुरा के पास लखनऊ एसटीएफ ने मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी सिराज अहमद 38 को ढेर किया था। वह 30 से अधिक मामलों में वांछित था। मुन्ना बजरंगी का साथी रहा था। सुल्तानपुर जिले में शहर कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला था।
- पांच अक्तूबर 2025 को सरसावा थाना क्षेत्र में गांव अगवानहेड़ी के पास मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश इमरान को मार गिराया था। इमरान डकैती, लूट की घटनाओं में वांछित था।
- 18 मार्च 2026 को मिर्जापुर व फतेहपुर पुलिस की गोकश शहजाद निवासी गंदेवड़ा से गांव शेरपुर पेलो के पास मुठभेड़ हुई थी। एक लाख का इनामी घोषित था। गोकशी, गैंगस्टर व हत्या के प्रयास सहित 44 प्राथमिकी दर्ज थी। इसमें सिपाही साेमेंद्र व कुलदीप घायल हुए थे। इनके बाजू में गोली लगी थी।
- 29 मई को सरसावा में पुलिस की एक लाख के इनामी अहसान से मुठभेड़ हुई थी। इसमें पुलिस की गोली लगने से बदमाश अहसान ढेर हुआ था, जबकि उसका साथी भागने में कामयाब रहा था। जवाबी फायरिंग के दौरान एसएसपी अभिनंदन सिंह और चिलकाना थाना प्रभारी विनोद कुमार की बुलेटप्रुफ जैकेट में गोली लगी, जबकि सरसावा थाना प्रभारी प्रवेश शर्मा की बाजू व कांस्टेबल के हाथ में गोली लगी थी।
- 22 जून को लखनऊ एसटीएफ ने सरसावा-नकुड़ मार्ग पर 1.25 लाख के इनामी कुख्यात बदमाश ललन सिंह को मुठभेड़ में ढेर किया है। वह बिहार में समस्तीपुर जिले का रहने वाला था। इस पर हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और सरकारी हथियारों की लूट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
- 16 मार्च 2016 को बिहार के नालंदा में एएसआई भुवनेश्वर सिंह को गोली मारकर घायल किया। सरकारी रिवाल्वर लूटी।
- 18 अप्रैल 2016 को पटना में एएसआई सुरेश ठाकुर की हत्या कर सरकारी पिस्टल लूटी।
- 24 सितंबर 2016 को पटना में एएसआई आरआर चौधरी की हत्या कर सरकारी पिस्टल लूटी।
- 27 फरवरी 2017 को नालंदा में कैश वैन लूट के दौरान दो लोगों की हत्या कर लगभग 20 लाख लूटे।
- छह मार्च 2017 को पटना में बैंक कैश ले जा रहे कर्मियों पर हमला किया। तीन की हत्या कर लगभग 60 लाख लूटे।
- 29 मार्च 2017 को पटना में हत्या के प्रयास और अवैध हथियार से जुड़ा मामला दर्ज हुआ।
- आठ सितंबर 2022 को पटना में अभिरक्षा से फरार होने और कराने से जुड़ा मामला दर्ज हुआ।
- 30 अक्तूबर 2022 को वाराणसी के लंका में चोरी का मामला दर्ज हुआ।
- एक नवंबर 2022 को चंदौली जिले के थाना सकलडीहा में लालब्रत चौहान को गोली मारकर बाइक लूटी।
- आठ नवंबर 2022 को वाराणसी के रोहनिया थाने में दरोगा अजय यादव को गोली मारी। सरकारी पिस्टल और अन्य सामान लूटा।
- 21 नवंबर 2022 को वाराणसी के डाभां थाने में पुलिस मुठभेड़ में पुलिस टीम पर फायरिंग। लूटी गई पिस्टल बरामद की गई।
- अप्रैल-मई 2023 को वाराणसी के थाना रोहनिया और डाभां में उद्घोषणा का पालन नहीं करने का मामला दर्ज किया गया।
सहारनपुर में सरसावा-नकुड़ रोड पर सोमवार तड़के लखनऊ से आई एसटीएफ और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 1.25 लाख रुपये का इनामी कुख्यात बदमाश ललन सिंह मारा गया। बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले बदमाश ललन सिंह पर वाराणसी पुलिस आयुक्त की ओर से एक लाख रुपये और चंदौली पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक और निरीक्षक की बुलेट प्रूफ जैकेट में एक-एक गोली लगी।
ललन सिंह का नाम आठ नवंबर 2022 को वाराणसी में एक उपनिरीक्षक की गोली मारकर हत्या करने और उसकी सर्विस पिस्टल लूटने की घटना में प्रमुख रूप से सामने आया था। इसके अलावा एक नवंबर 2022 को चंदौली जिले में हुई गोलीबारी और डकैती की वारदात में भी वह वांछित था। लंबे समय से विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।


