गांव रुदायन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्री राधागोपाल रामचैक मंदिर के निकट कथा पांडाल में भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कथावाचक दीनबंधु दास जी महाराज ने अपने मधुर प्रवचनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध किया।
सोमवार को कथा में महाराज जी ने भागवत महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक युग की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य ईश्वर से दूर होता जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक शांति केवल भगवान के चरणों में ही प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से भगवान की कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
कथा के दौरान दीनबंधु महाराज जी द्वारा सुनाए गए भजनों और प्रसंगों ने पाण्डाल के वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भाव-विभोर होकर श्रद्धालु नाचने और झूमने लगे। समूचा पांडाल जय श्री राधे और जय श्री कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। धार्मिक अनुष्ठान के तहत एडवोकेट प्रशांत पाठक ने विधि-विधान से पोथी पूजन और आरती की। इस अवसर पर छोटे प्रधान महेश वत्स, राहुल राणा, विमल कुमार तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा में सासनी कस्बा के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष भक्तजन सम्मिलित हुए। कथा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और आयोजकों ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS

