
– नारायणगढ़ में अधिवक्ता एवं बसपा के प्रदेश सचिव हरबिलास हत्याकांड में है आरोपी, 10 से अधिक मामले हैं दर्ज
अंबाला। नारायणगढ़ में अधिवक्ता एवं बसपा के प्रदेश सचिव हरबिलास हत्याकांड में आरोपी दो लाख के इनामी बदमाश वेंकट गर्ग को सुरक्षा एजेंसी जल्द जॉर्जिया से ला सकेगी। एसपी के अनुसार, जॉर्जिया की कोर्ट में वेंकट से जुड़े मामले की सुनवाई लगभग पूरी हो गई है। अब प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद दिल्ली लाकर वेंकट गर्ग को अंबाला पुलिस को सुपुर्द किया जाएगा। वर्ष 2025 जनवरी में हरबिलास की हत्या हुई थी। इसके बाद से ही वेंकट गर्ग गायब था। जिसे खोजने में सुरक्षा एजेंसियां लगी हुईं थी। कुछ समय पहले वेंकट के जॉर्जिया में होने की सूचना एजेंसियों को मिली थी और उसे वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि जाॅर्जिया के साथ हमारे देश की अपराध और अपराधियों के संबंध में कोई संधि नहीं थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से जॉर्जिया के साथ विशेष संधि की। संधि होने के बाद ही जॉर्जिया की पुलिस ने वेंकट को खोजने और पकड़ने में तेजी दिखाई। अब कुछ ही समय में वेंकट संबंधी कोर्ट की कार्यवाही लगभग पूरी होने वाली है। इसके बाद वैंकट को सौंपा जाएगा।
वेंकट पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम तय किया था। वेंकट पर अंबाला, यमुनानगर सहित अन्य शहरों में 10 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य केस हैं। कुछ मामलों में वह जेल में भी रह चुका है। प्रॉपर्टी विवाद में जनवरी में नारायणगढ़ से बसपा प्रत्याशी रहे हरबिलास रज्जू माजरा की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था। मूलरूप से अंबाला के नारायणगढ़ का रहने वाले वेंकट ने सबसे पहले मोनू राणा गैंग के साथ मिलकर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। मोनू राणा गैंग के सदस्य काला राणा की दुश्मनी का बदला लेने के लिए वेंकट गर्ग ने अन्य साथियों संग मिलकर एक व्यक्ति पर गोलियां बरसाई थी। उसके बाद साहिल राणा को भी मारने का प्रयास किया था। इस तरह से वह एक के बाद एक अपराध करता रहा। कुछ समय बाद वेंकट की मोनू राणा गैंग से अनबन हो गई। बाद में वह अपने इलाके के ही कुछ युवकों को जोड़कर गैंग चलाने लगा था।



