
-बदहाली का शिकार रेलवे स्टेडियम, अब शुल्क थोपने की तैयारी,
-खेल सुविधाओं से वंचित रेल कर्मचारी व स्वजनसंवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे स्टेडियम बदहाली का शिकार है। स्टेडियम के जीर्णोद्धार के नाम पर लगभग एक करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया था। लेकिन धरातल पर नतीजा कुछ और ही है। हालात इस कदर बदतर हैं कि धावक ट्रैक पर दौड़ नहीं पा रहे हैं और बच्चों की खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। करोड़ों खर्च होने के बाद भी खिलाड़ियों को मायूसी हाथ लग रही है।
अंबाला। रेलवे स्टेडियम बदहाली का शिकार है। स्टेडियम के जीर्णोद्धार के नाम पर लगभग एक करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया था। लेकिन धरातल पर नतीजा कुछ और ही है। हालात इस कदर बदतर हैं कि धावक ट्रैक पर दौड़ नहीं पा रहे हैं और बच्चों की खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। करोड़ों खर्च होने के बाद भी खिलाड़ियों को मायूसी हाथ लग रही है।
खुद के लिए प्राइम टाइम, कर्मचारियों पर पाबंदी
रेलवे प्रशासन का नया समय-सारणी आदेश कर्मचारियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। नए फरमान के तहत, अधिकारियों के खेलने का समय शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक तय किया गया है। जबकि कर्मचारियों व उनके परिजनों का समय शाम 5 बजे से 7 बजे तक रखा गया है।



