शिविर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के विशेष प्रशिक्षक मौजूद रहेंगे।

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आज चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर रखा गया था। इसमें प्रदेशभर के जिला अध्यक्षों, राज्य स्तरीय कार्रवाई एवं निगरानी समिति के सदस्यों और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-1) को प्रशिक्षण दिया गया।
मीटिंग में फैसला लिया गया कि कांग्रेस बीएलओ हरियाणा में 37 लाख वोटर की अपने स्तर पर जांच करेंगे, जब इनके वोट काटे जाए तो बीएलए स्पष्ट कर ले कि वोटर के नाम सही काटे या गलत। हरियाणा मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने जानकारी दी थी कि हरियाणा के दो करोड़ से ज्यादा वोटर्स डेटा में 18 प्रतिशत (37 लाख) में लॉजिकल एरर हैं। इनमें नामों की स्पेलिंग गलत होना, डुप्लीकेट एंट्री और अन्य तकनीकी त्रुटियां शामिल हैं।
शिविर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के विशेष प्रशिक्षक मौजूद रहे। एआईसीसी की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
कांग्रेस का उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी, नाम कटने या फर्जी प्रविष्टियों जैसी संभावित समस्याओं पर नजर रखना है। पार्टी चाहती है कि उसके कार्यकर्ता पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्रत्येक बूथ पर सक्रिय रहें और योग्य मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने में मदद करें।
प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को यह भी बताया गया कि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के दौरान किन दस्तावेजों की जरूरत होती है, आपत्तियां और दावे कैसे दाखिल किए जाते हैं और मतदाता सूची की निगरानी किस प्रकार की जाए।
कांग्रेस इसे आगामी चुनावों की तैयारी से भी जोड़कर देख रही है। पार्टी का मानना है कि मजबूत और सटीक मतदाता सूची चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा होती है। इसी कारण बूथ स्तर तक संगठनात्मक ढांचे को प्रशिक्षित और सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।