VIDEO: 45 फीट से छलांग, हवा में टूट गया जिप लाइन का लाॅक; 16 वर्षीय बेटे की मां-बाप के सामने मौत

Picture of ILMA NEWSINDIA

ILMA NEWSINDIA

SHARE:

आगरा के ताजनगरी फेज-2 स्थित चौपाटी में जिप लाइन का लॉक टूटने से 16 वर्षीय कुनाल 45 फीट नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने संचालक और मैनेजर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

Tragic Accident in Agra: Trader’s Son Dies After Falling 45 Feet Due to Zip Line Lock Failure

आगरा के ताजनगरी फेज-2 स्थित चाैपाटी में रविवार शाम फिरोजाबाद से आए चूड़ी व्यापारी के बेटे कुनाल (16) की मौत जिप लाइन से गिरकर हो गई। 10 फीट आगे जाते ही जिप लाइन के पुली का लाॅक टूट जाने से वह 45 फीट नीचे आ गिरा। उसे सिर और अन्य जगह गंभीर चोटें लगीं। जब तक परिजन अस्पताल ले गए, उसकी मौत हो गई। घटना से अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जिप लाइन के संचालक और मैनेजर को हिरासत में ले लिया। आंखों के सामने बेटे की माैत से मां को बुरा हाल हो गया और पिता भी बेसुध हो गए। उन्हें लोगों ने किसी तरह संभाला।

फिरोजाबाद के उत्तर क्षेत्र स्थित गांधी नगर निवासी पंकज अग्रवाल चूड़ी व्यापारी हैं। वह रविवार को आगरा घूमने आए थे। उनके साथ पत्नी रिंकी, बड़ा बेटा कुनाल और छोटा बेटा साथ में थे। बच्चे ताजगंज स्थित चाैपाटी में घूमना चाहते थे इसलिए वहां आए थे। कुनाल ने जिप लाइन में घूमने की जिद की। चाैपाटी में 120 फीट लंबी और 45 फीट ऊंची जिप लाइन है। माता-पिता ने कुनाल को भी जिप लाइन में सवार कराया। वह 10 मीटर आगे ही चल पाया था कि अचानक उसकी पुली का लॉक टूट गया। वह 45 फीट नीचे आ गिरा।

यह देखकर माता-पिता की चीख निकल गई। वह बेटे के पास दाैड़े। हादसे से चाैपाटी में भी अफरातफरी मच गई। कुनाल के कई जगह पर चोट थी। पंकज उसे अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन मगर उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बेटे की माैत से बेहाल माता-पिता को लोगों ने किसी तरह संभाला। एडीसीपी क्राइम हिमांशु गाैरव ने बताया कि जिप लाइन संचालक और मैनेजर को हिरासत में लिया गया है। जिप लाइन का संचालन बंद करा दिया गया है। जिन लोगों से कर्मचारियों से बुकिंग की थी, उनको रकम वापस करा दी गई। परिजन जो भी लिखित शिकायत करेंगे, उसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। हादसा पुली का लाॅक टूटने की वजह से हुआ है।

क्या है जिप लाइन
जिप लाइन झूला एक एडवेंचर स्पोर्ट्स और मनोरंजन का साधन है, जिसमें एक मजबूत स्टील के तार (केबल) के सहारे ऊंचे स्थान से नीचे की ओर सरकते हुए सफर किया जाता है। इसमें व्यक्ति को एक सुरक्षा हार्नेस पहनाकर पुली के जरिये तार से लटका दिया जाता है। गुरुत्वाकर्षण से व्यक्ति बहुत तेजी से ऊंचाई से ढलान की ओर सरकता है। टूरिस्ट प्लेस पर जिप लाइन की डिमांड अधिक है। इसे हमेशा प्रमाणित एडवेंचर ऑपरेटरों की देखरेख में ही करना चाहिए। राइड शुरू करने से पहले सुरक्षा बेल्ट, कैराबिनर (लॉकिंग क्लिप) और हेलमेट की जांच अच्छी तरह कर लेनी चाहिए। वजन और उम्र की सीमाओं का पालन करना जरूरी है।

चौपाटी में मनोरंजन के नाम पर मौत का खेल
वाटर पार्क में आठ साल के मासूम की डूबकर मौत होने के एक हफ्ते में ही रविवार को चौपाटी में जिप लाइन झूले से गिरकर किशोर उम्र के कुनाल की जान चली गई। लोगों का आरोप है कि चौपाटी में मनोरंजन के नाम पर मौत का खेल हो रहा है। सुरक्षा मानकों और फिटनेस का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इस हृदय विदारक घटना ने आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) और झूला संचालित करने वाली कंपनी के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। चंद रुपयों के मुनाफे के लिए सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया गया, जिसका खामियाजा एक परिवार को अपना चिराग खोकर चुकाना पड़ा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन है। ठेकेदार की अनदेखी या एडीए की लापरवाही।

जिम्मेदारों पर उठते गंभीर सवाल
सुरक्षा उपकरण कहां थे : जिप लाइनिंग जैसे जोखिम भरे झूले पर सुरक्षा हार्नेस, लॉक और नेट जैसे बुनियादी मानकों का सख्ती से पालन क्यों नहीं किया गया?
एडीए की मॉनिटरिंग फेल : आगरा विकास प्राधिकरण जो इस पूरे प्रोजेक्ट का प्रबंधन करता है, क्या उसकी जिम्मेदारी केवल 30 से अधिक फूड स्टॉल्स की नीलामी और पंजीकरण कर किराया वसूलने तक ही सीमित है?
झूलों का फिटनेस सर्टिफिकेट : क्या झूला संचालित करने वाली कंपनी के पास पुख्ता सुरक्षा प्रमाणपत्र था और क्या समय-समय पर इसकी तकनीकी जांच की जाती थी?

सुविधाओं का जाल मगर सुरक्षा सिफर
जोनल पार्क (आगरा चौपाटी) को एक बड़े टूरिस्ट हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां हर उम्र के लोगों के लिए गतिविधियां हैं। भव्य व्यवस्था और करोड़ों के इस प्रोजेक्ट की मूल संचालन संस्था आगरा विकास प्राधिकरण है। लोगों का आरोप है कि सुविधाओं का इतना बड़ा जाल बिछाया गया है लेकिन जब बात बच्चों की जान की सुरक्षा की आती है, तो पूरी व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढहती नजर आती है। पुलिस की जांच अब इस बात पर टिकी है कि जिप लाइन के संचालन में तकनीकी खराबी थी या यह पूरी तरह से ठेकेदार की लापरवाही का नतीजा है। जो भी हो, इस हादसे ने आगरा चौपाटी की चकाचौंध के पीछे छिपी बदइंतजामी की खौफनाक तस्वीर पेश कर दी है, जिसका जवाब अब जिम्मेदारों को देना ही होगा।

ILMA NEWSINDIA
Author: ILMA NEWSINDIA

सबसे ज्यादा पड़ गई