शंभू रेल ट्रैक ब्लास्ट की ट्रेनिंग जम्मू से 200 किमी दूर पहाड़ों में दी थी। मलयेशिया से नेटवर्क चल रहा था। आईएसआई के इशारे पर साजिश रची गई थी। पंजाब में उग्रवाद भड़काने की तैयारी थी। भारी मात्रा में हथियार और आरडीएक्स बरामद किया गया है।

शंभू-अंबाला रेल ट्रैक पर धमाके के मामले में जांच के दौरान बड़े खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को जम्मू से करीब 200 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाकों में हथियार और गोला-बारूद चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा था और पंजाब में दोबारा उग्रवाद फैलाने की साजिश रच रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को कड़ी सुरक्षा में पटियाला अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने 10 दिन के रिमांड की मांग की लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पांच दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बम, दो पिस्तौल, जिंदा कारतूस, आईईडी बनाने की सामग्री, लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। बाद में सतनाम सिंह सत्ता से पूछताछ के आधार पर एक आरपीजी, 2.296 किलोग्राम का मेटैलिक आईईडी, डेटोनेटर, 1.456 किलोग्राम आरडीएक्स, पी-86 हैंड ग्रेनेड, पांच मैगजीन, 84 कारतूस, तीन पिस्तौलें, वायरलेस सेट और टाइमर स्विच भी बरामद किए गए।