लखीमपुर खीरी जिले में बुधवार को आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों का काफी नुकसान हुआ है। वहीं आंधी चलने से कई जगहों पर पेड़ गिर गए। मैलानी रेंज जंगल में ओएचई लाइन पर पेड़ गिरने से रेल यातायात बाधित रहा।

बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने लखीमपुर खीरी जिले में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कहीं रेल यातायात बाधित हुआ, तो कहीं घंटों बिजली गुल रही। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी, जिनकी खड़ी और कटी फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गईं। बुधवार को बारिश के दौरान बांकेगंज-मैलानी रेल खंड पर दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन, मैलानी रेंज जंगल में किमी 185 के पास ओएचई लाइन पर साखू पेड़ की मोटी डाल गिर गई। इसी दौरान मैलानी से सीतापुर जा रही ट्रेन संख्या 55081 को लोको पायलट ने रोककर सूचना स्टेशन को दी। सीतापुर से पहुंची टॉवर वैगन टीम ने पेड़ हटाकर लाइन दुरुस्त की। इस बीच जंगल में खड़ी ट्रेन में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। बाद में ट्रेन को वापस मैलानी भेजा गया और ट्रैक क्लियर होने पर शाम सवा छह बजे दोबारा रवाना किया गया।
आंधी और बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। मैलानी में गोला से आने वाली 33 केवी मेन लाइन में फाल्ट आने से सप्लाई बाधित हो गई। बिजलीकर्मी पेट्रोलिंग में जुटे रहे, लेकिन शाम सात बजे तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। शहर में भी शाम पांच बजे बारिश के दौरान बिजली गुल हो गई, जो देर रात तक सुचारु नहीं हो पाई।
मौसम के इस बदलाव ने किसानों की सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है। तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, मसूर और केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल गिर गई, जबकि कई जगह कटी फसल भी भीगकर खराब हो गई। आम के बौर झड़ने से उत्पादन पर भी संकट गहरा गया है।
15 से 20 मिनट तक हुई ओलावृष्टि
बिजुआ, राजगढ़ और गदियाना क्षेत्रों में 15 से 20 मिनट तक चली ओलावृष्टि से खेत और सड़कें सफेद चादर में ढक गईं। बेल वाली सब्जियों और खीरा-ककड़ी की अगेती फसल को भी नुकसान पहुंचा है। बिझौली में किसानों ने बताया कि कटी गेहूं की फसल भीगने से नुकसान हुआ है। अमीरनगर में गेहूं की कटाई पूरी तरह ठप हो गई है, जबकि ममरी क्षेत्र में लगातार आंधी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रहने से कटाई-मड़ाई प्रभावित हो रही है।
जेई धर्मेंद्र सिंह के अनुसार बार-बार फाल्ट आने से सप्लाई रोकनी पड़ रही है। बांकेगंज क्षेत्र में किसानों ने बताया कि पिछले साल धान की फसल खराब हुई थी और इस बार गेहूं को नुकसान हो रहा है, जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। वहीं निघासन क्षेत्र में तेज हवा और ओलों से केले की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, कई जगह पौधे टूटकर गिर गए।
गेहूं का दाना पड़ सकता है काला
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल के अनुसार बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं का दाना काला पड़ सकता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होगी। भूसा भी खराब होगा और गन्ना बोआई में देरी के साथ सब्जियों व आम के बौर को भी नुकसान होगा।
बांकेगंज के किसान यदुनंदन सिंह ने बताया कि पिछले साल धान खराब हुआ था, इस बार गेहूं भी बर्बाद हो रहा है, अब समझ नहीं आ रहा क्या करें। बिझौली के किसान चंदन सिंह ने कहा कि कटी हुई फसल भी भीग गई, उठाने का मौका नहीं मिला। पूरा नुकसान हो गया।


