बरेली के सीबीगंज क्षेत्र में रविवार शाम हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे की वजह सिस्टम की सुस्ती और कार की तेज रफ्तार रही। जिस टैंकर से कार टकराई थी, वह टैंकर एक दिन पहले से हाईवे किनारे खड़ा था। लेकिन जिम्मेदारों ने उसे वहां से हटवाने की जहमत नहीं उठाई। नतीजन रविवार शाम हुए हादसे में पांच लोगों की जान चली गई।

बरेली में एनएचएआई, पुलिस व परिवहन विभाग की सुस्ती से पांच लोगों की जान चली गई। एक दिन पहले से हाईवे किनारे खड़े शीरे से भरे टैंकर को हादसे के बाद हटवाया गया। यह काम पहले होता तो शायद हादसा टल जाता। साथ ही एसयूवी कार की तेज रफ्तार और चालक के नियंत्रण खोने को भी हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। हादसा सीबीगंज क्षेत्र में रविवार शाम हुआ। बरेली-दिल्ली हाईवे पर तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े टैंकर से जा टकराई थी। पीछे से एक बाइक भी जा भिड़ी। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वाहन चालक व दो बच्चों की हालत गंभीर है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा कि परधौली तिराहे के पास शनिवार को शीरे से भरे टैंकर की रोडवेज बस से भिड़ंत हो गई थी। उसके बाद से टैंकर हाईवे किनारे खड़ा था। इसी टैंकर से कार टकरा गई। कार में पीछे से बाइक घुस गई। हादसे में बाइक सवार अटा कायस्थान निवासी साहबजाद खां (45) व मुमत्याज खां (65), कार सवार फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर गांव निवासी मनमोहन सिंह (42), पीलीभीत जिले के कल्याणपुर निवासी सिकंदर (28) व रामपुर निवासी विशेष यादव की मौत हो गई।
110 किमी की रफ्तार से दौड़ रही थी कार
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि बोलेरो की तेज रफ्तार घटना की मुख्य वजह रही। उसका स्पीडोमीटर 110 पर रुका हुआ है। इसका मतलब है कि वाहन की रफ्तार इससे अधिक रही होगी। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कार का अगला हिस्सा हुआ चकनाचूर
एसपी सिटी ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। सीबीगंज के थाना प्रभारी प्रदीप चतुर्वेदी ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि तेज रफ्तार के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार को हादसे के बाद सड़क पर शीरा फैल गया था। इससे वहां फिसलन थी।
सड़क पर फैला गया था शीरा
रविवार शाम हादसे के बाद घटनास्थल पर जुटे ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार रात साढ़े बारह बजे बिलवा से झुमका की ओर जा रही रोडवेज बस की इसी शीरे से भरे टैंकर से टक्कर हो गई थी। पुलिस ने बस को हाईवे से हटाकर एक ढाबे पर खड़ा करवा दिया था, लेकिन टैंकर को कुछ दूर आगे ले जाकर हाईवे के किनारे ही खड़ा करा दिया था। इसका शीरा भी सड़क पर फैल गया था।
पहली घटना के कुछ घंटे बाद एनएचएआई की टीम ने पानी का टैंकर मंगाकर सड़क पर फैले शीरे की सफाई तो कराई, लेकिन वह पूरी तरह साफ नहीं हो सकी थी। लोगों ने बताया कि इस जगह फिसलन थी। यहीं पर रविवार को घटना हो गई।
हादसे के बाद जागे अफसर
घटना के बाद संबंधित विभागों के अफसर जागे। पुलिस ने फायरबिग्रेड को बुलाया। पहले सड़क पर पड़े शीरे के अवशेष की सफाई कराई गई। फिर क्रेन मंगाकर टैंकर व दुर्घटनाग्रस्त कार को हाईवे से हटवाकर एक ढाबे पर खड़ा कराया गया।
हर आंख हो गई नम
इस हादसे को देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। स्थानीय ग्रामीण व हाईवे से गुजर रहे वाहनों के चालक तत्काल ही देवदूत की तरह मदद के लिए सामने आ गए। उन्होंने अपने वाहन रोककर कार में फंसे लोगों को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। पुलिस के आने से पहले ही दो एंबुलेंस से उन्हें उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भिजवा दिया। पुलिस आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची।
वन-वे करके निकलवाए वाहन
एसपी सिटी, एडीएम, एसपी उत्तरी, एसपी यातायात, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर व सीओ हाईवे ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ समय के लिए हाईवे को वन-वे कर वाहनों को गुजारा गया। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया गया।