कानपुर के कल्याणपुर में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट करने का मामला सामने आया है। एक अस्पताल में उत्तराखंड के युवक से करीब दस लाख रुपये में किडनी खरीदने का सौदा हुआ। किडनी निकलवाने के बाद दलाल ने उसे जरूरतमंद मरीज को 90 लाख रुपये से अधिक में बेच दिया। अवैध तरीके से की गई किडनी की इस खरीद-फरोख्त का सुराग लगने पर सोमवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अस्पतालों में छापा मारा। पुलिस ने दलाल, अस्पताल संचालक, डॉक्टर दंपती समेत दस लोगों को हिरासत में लिया है।

कानपुर के किडनी रैकेट के खुलासे के बाद क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमें इसकी जड़ें तक खंगालने में जुट गई हैं। टीम ने आरोपी शिवम को हिरासत में लेकर सोमवार को कई घंटों तक पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया है कि कैसे किडनी खरीद का काला धंधा चलता है।
आरोपी ने बताया कि शक न हो इसके लिए किडनी खरीदने वाले को अपना रिश्तेदार बताया जाता है। उसे गरीब और परिवार का एकमात्र सहारा बताकर कम से कम दाम में सौदा करने की कोशिश की जाती है।
ऐसे में अब पुलिस उन अस्पतालों के बारे में जानकारी जुटा रही है जिनमें ट्रांसप्लांट किया गया, या इसके बाद मरीज और डोनर को भर्ती कर उनका उपचार किया गया। पुलिस की पूछताछ में यह भी बात सामने आई है कि सभी अस्पताल बर्रा, नौबस्ता, पनकी और कल्याणपुर जैसे क्षेत्रों में चल रहे हैं।
22 साल पहले भी शहर में किडनी की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया था। इसमें पॉश इलाके में स्थित एक नर्सिंग होम और उसमें कार्यरत सर्जन का नाम प्रकाश में आया था। आरोप था कि रैकेट में शामिल आर्थिक रूप से कमजोर या किसी अन्य बीमारी का इलाज कराने आए मरीज की उसके संबंधित जांचों के साथ की किडनी की भी जांच की जाती थी।
पुलिस को आवास विकास स्थित आरोही हॉस्पिटल में किडनी डोनर भर्ती मिला है। यह हॉस्पिटल करीब दो माह पहले बंद हो चुका है। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मरीज को हॉस्पिटल के संचालक राजेश के कहने पर भर्ती कराया गया था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लखनऊ, मुंबई और दिल्ली से स्पेशलिस्ट बुलाए जाते थे। ट्रांसप्लांट की टीम में नेफ्रोलॉजिस्ट, ट्रांसप्लांट सर्जन, यूरोलॉजी और ग्राफ्टिंग एक्सपर्ट होते थे। साथ ही एनेस्थेसिस्ट, डायटीशियन भी टीम का हिस्सा होते थे।
कानपुर के कल्याणपुर में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट करने का मामला प्रकाश में आया है। यहां के एक अस्पताल में उत्तराखंड के युवक से करीब दस लाख रुपये में किडनी खरीदने का सौदा हुआ। किडनी निकलवाने के बाद दलाल ने उसे जरूरतमंद मरीज को 90 लाख रुपये से अधिक में बेच दिया।
किडनी रैकेट की जांच कर रही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार रात तीन अस्पतालों में छापा मारा। इनमें कल्याणपुर आवास विकास एक नंबर स्थित प्रिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, केशवपुरम रोड स्थित आहूजा हॉस्पिटल, पनकी कल्याणपुर रोड स्थित मेडलाइफ हॉस्पिटल शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार दस लाख में सौदा तय होने के बाद डोनर को सिर्फ 9.5 लाख रुपये दलाल शिवम ने दिए थे। 50 हजार के लिए शिवम उसे टरका रहा था। इसकी शिकायत पीड़ित ने पुलिस से की। पुलिस ने जांच की तो किडनी रैकेट की परतें खुलती चली गईं। देर रात क्राइम ब्रांच ने युवक के बताए दोनों अस्पतालों में छापा मारा। जांच में वहां उसके भर्ती होने के सबूत मिले हैं।