दो चचेरे भाइयों को फैक्टरी में उन्हें दूषित पानी के टैंक की सफाई करने के काम पर लगाया। दोनों को करीब 20 फीट गहरे टैंक में उतार दिया। जैसे ही वह अंदर गए तो टैंक में बन रही जहरीली गैस की चपेट में आकर उनका दम घुट गया।

थाना सनौली क्षेत्र के जलालपुर कुराड गांव के पास कंबल फैक्टरी के दूषित पानी की टैंक की सफाई करने के लिए उतरे दो चचेरे भाईयों नितिन (18) व शिवम (19) की मौत हो गई। दोनों यूपी के शामली जिले के कैराना क्षेत्र के जंधेड़ी गांव के रहने वाले थे। वीरवार को परिवार के ही युवक के साथ काम करने के लिए फैक्टरी आए थे। परिजनों का आरोप है कि बिना सेफ्टी उपकरण के दोनों को 20 फीट गहरे गड्ढे में उतार दिया गया। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जंधेड़ी के जोगिंद्र ने बताया कि उनके परिवार का युवक मोनू जलालपुर कुराड गांव के पास मयूर एंटरप्राइजेज फैक्टरी में काम करता है। सोमवार को शिवम व नितिन भी उसके साथ काम करने के लिए आए थे। सुबह करीब 10 बजे वह दोनों फैक्टरी पहुंचे। फैक्टरी में उन्हें दूषित पानी के टैंक की सफाई करने के काम पर लगाया। दोनों को करीब 20 फीट गहरे टैंक में उतार दिया। जैसे ही वह अंदर गए तो टैंक में बन रही जहरीली गैस की चपेट में आकर उनका दम घुट गया। जिससे वह बेसुध हो गए और अंदर की गिर गए।
काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आए तो एक अन्य व्यक्ति को कमर में रस्सी बांधकर टैंक में उतारा गया। उसने दोनों को बेसुध हालत में पड़ा देखा और बाहर इसकी सूचना दी। इसके बाद खलबली मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। दोनों को बाहर निकालकर शहर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।