UP: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- सपा-कांग्रेस में मुझे इस्तेमाल करने की चतुरता नहीं, भाजपा दे मेरा साथ

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अमर उजाला से बातचीत में कांग्रेस और सपा के साथ बन रहे उनके समीकरणों पर टिप्पणी की।

Hearing on bail application of Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand  Saraswati today, The episode is related to the ruckus that took place  during the Injustice Retribution Yatra 7 years ago in Varanasi

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि सपा, कांग्रेस या कोई भी राजनीतिक दल इतना चतुर नहीं है कि मुझे चुनाव में इस्तेमाल कर सके। हम किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि गंगा और गोरक्षा जैसे मुद्दों के लिए काम कर रहे हैं, जो पहले से भाजपा के भी प्रमुख विषय रहे हैं। चाहे तो भाजपा भी मेरे समर्थन में आ सकती है। चुनाव में किसी की चालाकी से मेरा इस्तेमाल हो जाना संभव नहीं है। ये बातें उन्होंने बृहस्पतिवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कहीं।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लखनऊ के हासेमऊ स्थित गोशाला में बृहस्पतिवार को गो पूजन कर गोरक्षा के लिए धर्मयुद्ध का ऐलान किया। इसी के साथ उन्होंने गो प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरुआत करते हुए चतुरंगिणी सेना बनाने की घोषणा की। शंकराचार्य ने ऋग्वेद के पद अहम् हनन् वृत्ते गविष्ठे का अनुयायियों से सामूहिक जाप कराया। तर्जनी उंगली उठाकर भगवान कृष्ण की चक्र मुद्रा का अभ्यास भी कराया।

उन्होंने कहा कि यह धर्मयुद्ध गाय की रक्षा के लिए है। गाय को कष्ट देने वाले वृत्रासुर हमारे निशाने पर होंगे। जो लोग गाय को कष्ट पहुंचाते हैं, वे वृत्रासुर हैं। उनके अनुसार कसाईखाना चलाने वाले, गायों को वहां ले जाने वाले, सहयोग करने वाले और इसे होते देखकर भी मौन रहने वाले सभी वृत्रासुर की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने प्रदेश की सरकारी गोशालाओं में गायों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई।

चतुरंगिणी का बताया निहितार्थ : चतुरंगिणी सेना के नाम का अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि चतुरंगिणी का मतलब है- ऐसी शक्ति जिसके चार प्रमुख आधार हों। बुद्धि का बल, बाहुबल, धनबल व समर्पित सहयोगियों का बल शामिल है। साथ ही चारों वेदों की प्रेरणा, चार प्रमुख संप्रदायों का सहयोग व चार पीठों का समर्थन भी इसकी शक्ति का हिस्सा होगा। इस सेना में साधु, वैरागी और आम लोग होंगे। 

अखिलेश यादव ने की मुलाकात 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। कृष्णा नगर क्षेत्र में प्रवास कर रहे शंकराचार्य से उनकी करीब एक घंटे तक चर्चा हुई। इस दौरान अखिलेश जमीन पर बैठकर उनसे बातचीत करते नजर आए। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि शंकराचार्य से मिलने आया था। अब उनके आशीर्वाद से नकली संतों का अंत होगा। अब वे लोग भी बेनकाब होंगे जो धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं।

नए कार्य की शुरुआत से पहले संत-महात्माओं का आशीर्वाद लेना हमारी परंपरा रही है। सपा हमेशा से गो संरक्षण के पक्ष में रही है। गाय के दूध का पहला प्लांट सपा सरकार के समय कन्नाैज में लगाया गया था। घरेलू गैस की किल्लत पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार के गलत फैसले का नतीजा है कि आज लोगों को लकड़ी पर खाना पकाना पड़ रहा है।

इस संकट के लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार जिम्मेदार है। मिलने वालों में सपा नेता पूजा शुक्ला ने अविमुक्तेश्वरानंद को गोमतीनगर स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) की उपेक्षा से अवगत कराया। इस पर उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग जेपी आंदोलन से ही निकले हैं और आज उन्हीं के नाम के भवन की उपेक्षा कर रहे हैं। मुझे पहले पता होता तो जेपीएनआईसी जरूर जाता। कार्यक्रम में भारतीय बधिर विद्यालय के मूक बधिर बच्चे शिक्षिका गीतांजलि नायर के साथ अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने पहुंचे थे। इससे अलावा कई राजनीतिक नेता भी गोशाला पहुंचे।

शंकराचार्य से मिलकर अखिलेश बोले, आशीर्वाद से नकली संतों का होगा अंत

 सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को लखनऊ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद कहा कि कोई भी शुभ कार्य और आगे बढ़ने का काम शुरू करने से पहले साधु-संतों का आशीर्वाद मिल जाए तो उससे अच्छी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का आशीर्वाद मिलने से नकली संतों का अंत हो जाएगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि हर व्यक्ति में अच्छा करने की इच्छा होती है। उसके लिए पाप-पुण्य और अच्छा-बुरा के बीच लड़ाई चलती रहती है। हम सबके अंदर लड़ने के लिए सुदर्शन चक्र होना चाहिए जिससे जो पाप फैला हुआ है उसे मिलकर हटा सकें। सपा मुखिया ने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान गौ सेवा को लेकर कई फैसले लिए थे। कन्नौज में यूपी का पहला गौ दूध प्लांट लगवाया था। वहां बनने वाले उत्पाद देशी गाय के दूध की होते थे, जिससे गाय की सेवा के साथ ही लोगों के बीच संपन्नता भी आती। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर अच्छी चीज के खिलाफ है। इस सरकार ने कन्नौज के मिल्क प्लांट को बंद कर दिया।

अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लग रहा है कि उत्तर प्रदेश में सरकार ही नहीं है। भाजपा लोकतंत्र को समाप्त कर रही है। इन दिनों जिलों-जिलों में बैठक हो रही हैं, जिसमें विधायकों का टिकट काटने की रणनीति बन रही है। अगर इन बैठकों में जिलाधिकारी शामिल हो रहें है तो इसका मतलब है कि जिलाधिकारी के ऊपर भाजपा का जिलाध्यक्ष बैठेगा।

रसोई गैस संकट को लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताते हुए अखिलेश ने कहा कि भारत सरकार के गलत फैसले की वजह से लोगों को लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है। घरों में भट्टी बनानी पड़ेगी, चूल्हे तैयार करना पड़ेंगे। बाजार में इलेक्ट्रिक से चलने वाले सामान की मारामारी है। दोनों सरकारें अपनी जिम्मेदारी से भाग रही हैं इसीलिए यह संकट पैदा हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में गैस सिलेण्डर को लेकर मारामारी है। प्रधान सांसद के क्षेत्र में लाइने लगी हैं। तंज कसा कि सरकार पहले से ही कभी नोटबंदी की लाइन, कभी रसोई गैस की लाइन, कभी आधार की लाइन लोगों को लगवाती रही है।

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Author: ILMA NEWSINDIA