
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष के अभिभाषण से शुरू हुआ। अभिभाषण के बाद सदन एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।
मेरी सरकार की सोच और कार्य प्रणाली में सब कुछ साफ-साफ दिख रहा है। मेरी सरकार सबको साथ और सबके विकास की अवधारणा में विश्वास करती है। सरकार का सपना है कि जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे तो भारत दुनिया एक खुशहाल राज्य बनेगा।

सत्र के दौरान कई मुद्दों को लेकर सत्ता व विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल सकती है। कांग्रेस ने सदन के अंदर और बाहर भी सरकार को घेरने की तैयारी की है।
24 को विधायक व 25 को संगठन विधानसभा का घेराव करेगी। सदन के अंदर बाहरी युवाओं की भर्ती, खाली पद, छंयास गांव में लोगों की मौत, अपराध, नशा, जलभराव, एसवाईएल, प्रदेश की आर्थिक बदहाली, कांग्रेस विधायक पर दर्ज मामले को लेकर मुद्दे उठाएगी। उधर, विपक्ष को जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मोर्चा संभालेंगे। सीएम सैनी ने वीरवार को पहले विधायकों की बैठक ली। उसके बाद अलग से मंत्रियों के साथ भी बैठक की। दोनों बैठकों में उन्होंने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
गवर्नर के अभिभाषण के बाद शोक प्रस्ताव पढ़े जाएंगे और कुछ पेपर रखे जाएंगे। उसके बाद सत्र को समाप्त कर दिया जाएगा। उसके बाद 23 फरवरी से सत्र शुरू होगा। 18 मार्च तक चलने वाले सत्र के दौरान दो मार्च को वित्त मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह अपना दूसरा बजट पेश करेंगे।
उधर, बिजनेस एडवाइजरी काउंसिल (बीएसी) की बैठक में बजट सत्र के प्रस्तावित शेड्यूल पर मुहर लग गई है। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधानसभा अध्यक्ष समेत सभी सदस्य मौजूद रहेंगे। सत्र के दौरान राज्य सरकार आधा दर्जन से ज्यादा विधेयक पेश कर सकती है, जिनमें कॉलोनियों में नर्सिंग होम स्थापित करने व हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन विधेयक शामिल हैं।
छुट्टी के अगले दिन दो बजे से शुरू होगा सत्र
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के बैठक में प्रस्तावित शेड्यूल पर मुहर लग गई है। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। अवकाश के अगले दिन सत्र की शुरुआत दोपहर दो बजे से होगी। इसके अलावा बाकी दिन सदन की कार्यवाही सुबह 11 से शाम पांच बजे तक चलेगी। वहीं, 16 मार्च को राज्यसभा के लिए रिक्त हुई दो सीटों के मतदान का दिन है उस दिन यदि मतदान की नौबत आती है तो सत्र दो बजे से शुरू होगा। बैठक में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा- सत्र के दौरान दलों को बोलने के लिए संख्या बल के हिसाब से समय मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा- बजट सत्र में कुछ भी नया नहीं है। छुट्टियां ज्यादा है। सिटिंग उतनी नहीं है।
इस बार हुड्डा व विज के बीच नहीं दिखेगी तकरार
बजट सत्र के दौरान जहां कई बार गंभीर मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिलती है तो वहीं, कुछ हल्के-फुल्के पल भी देखने को मिलते हैं। खासकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व ऊर्जा मंत्री अनिल विज के बीच जब भी तकरार होती है तो पूरा सदन ठहाके लगाता है। मगर इस बार दोनों के तकरार देखने को नहीं मिलेगी। दरअसल मंत्री अनिल विज के दोनों पैर में फ्रेक्चर आ गया है, जिसकी वजह से डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। ऐसे में उनका सदन में आना मुश्किल होगा। हालांकि सरकार को भी उनकी कमी खलेगी। पिछली बार बीते सत्र में कृष्ण लाल पंवार नहीं आए थे। उनके घुटने का ऑपरेशन हुआ था।