जोधपुर में युवा कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत और उसके बाद सोशल मीडिया पर जारी उनके सुसाइड नोट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। संदिग्ध हालात में मौत के बाद पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।

जोधपुर के पाल रोड क्षेत्र से जुड़ी 23 वर्षीय कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के लगभग चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक कथित सुसाइड पोस्ट सामने आने से मामला और भी रहस्यमय हो गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है।
वायरल वीडियो से आई थीं चर्चा में
बता दें कि साध्वी प्रेम बाईसा पिछले वर्ष एक पुराने वीडियो के वायरल होने के बाद सुर्खियों में आई थीं। वायरल क्लिप में उन्हें एक पुरुष के साथ गले मिलते हुए देखा गया था, जिसे सोशल मीडिया पर गलत अर्थों में प्रसारित किया गया। इस मामले को लेकर साध्वी ने बोरानाडा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी और इसे एक साजिश करार दिया था। एक बातचीत में साध्वी ने स्पष्ट किया था कि वायरल वीडियो करीब तीन साल पुराना है, जब वे लंबे समय बाद अपने पिता से मिली थीं लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया और संत समाज को बदनाम करने का प्रयास किया था। उन्होंने ये आरोप भी लगाया था कि वीडियो वायरल करने से पहले उनसे 20 लाख रुपये की मांग की गई थी और जब उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया तो आरोपियों ने वीडियो वायरल कर दिया।
साध्वी प्रेम बाईसा मूलतः बालोतरा के गिड़ा क्षेत्र के कुंपलिया गांव की निवासी थीं। उन्होंने दिसंबर 2024 में अपने पिता के साथ आरती नगर में साधना कुटीर आश्रम की स्थापना की थी। वे सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय थीं और उनके लाखों फॉलोअर्स बताए जाते हैं। इस मामले में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।




