लखनऊ न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। राज्य में पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और इसी क्रम में मतपत्रों को जिलों तक पहुंचाने का काम तेज़ी से किया जा रहा है। प्रशासन और चुनाव विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतपत्रों की छपाई पूरी कर ली गई है और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच संबंधित जिलों के स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचाया जा रहा है। हर जिले में मतपत्रों की निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किए गए हैं, जबकि परिवहन के दौरान पुलिस बल और प्रशासनिक अमला साथ चल रहा है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराए जाएंगे। इसके लिए मतदान केंद्रों की सूची, मतदान कर्मियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इन चुनावों को ग्रामीण लोकतंत्र की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि इससे गांव स्तर पर शासन और विकास की दिशा तय होती है।
चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी भी तेज़ हो गई है। गांव-गांव में प्रत्याशी जनसंपर्क में जुटे हैं और मतदाताओं को लुभाने के लिए अलग-अलग मुद्दों को सामने रखा जा रहा है। वहीं प्रशासन ने चुनाव आचार संहिता के सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। किसी भी तरह की गड़बड़ी या शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, यूपी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी हैं और आने वाले दिनों में मतदान प्रक्रिया को लेकर हलचल और तेज़ होने की संभावना है।