वृंदावन न्यूज़ डेस्क: तीर्थनगरी वृंदावन में बसंत ऋतु के आगमन के साथ ही श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध मंदिर में वसंती कमरे के खुलते ही श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला। श्रीजी ने वसंती स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए, जिसे देखने के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

परंपरा के अनुसार, बसंत ऋतु में वसंती कमरे को विशेष सजावट के साथ खोला जाता है। इस अवसर पर श्रीजी को पीत-वस्त्र, पुष्पों की माला और बसंती रंग की साज-सज्जा से अलंकृत किया गया। जैसे ही वसंती कमरे के द्वार खुले, “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वसंती कमरे में श्रीजी के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। दूर-दराज से आए भक्त इस अलौकिक दृश्य को देखकर भाव-विभोर हो गए। कई श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहकर अपने आराध्य के दर्शन करते नजर आए।
मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई, स्वयंसेवक और पुलिस बल तैनात रहे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए दर्शन व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया गया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और शंखनाद से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। बसंत ऋतु के इस पावन पर्व ने एक बार फिर वृंदावन को आस्था और परंपरा के रंग में रंग दिया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि श्रीजी के वसंती दर्शन से मन को अद्भुत शांति और आनंद की अनुभूति होती है। आने वाले दिनों में भी बड़ी संख्या में भक्तों के वृंदावन पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।