कोटा एसीबी ने रेलवे विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने नौकरी के दौरान करीब 32 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की।

कोटा एसीबी की टीम ने रिश्वत प्रकरण में गिरफ्तार रेलवे विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मुकेश जाटव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में एसीबी ने ठेकेदार की शिकायत पर मुकेश जाटव को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
इस कार्रवाई के बाद एसीबी ने आरोपी की आय और व्यय से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान वर्ष 2006 से 2022 तक के रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच में सामने आया कि आरोपी ने मात्र 16 वर्षों में अपनी ज्ञात आय से लगभग 32 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित कर ली थी।
एसीबी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इंजीनियर ने अवैध रूप से अर्जित आय से अपने और अपनी पत्नी के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदी थीं। वर्ष 2022 में एसीबी टीम ने आरोपी के सोगरिया स्थित आवास पर छापेमारी की थी, जहां से 66 हजार रुपये नकद, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए थे।
मुकेश जाटव की रेलवे विभाग में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर नियुक्ति वर्ष 2006 में हुई थी। इसी आधार पर एसीबी ने अप्रैल 2006 से सितंबर 2022 तक उसकी आय और खर्च का पूरा विवरण तैयार किया। जांच में सामने आया कि इस अवधि में आरोपी की कुल संपत्ति एक करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक पाई गई, जबकि उसकी वैध आय लगभग 95 लाख रुपये थी। करीब 31 लाख रुपये की संपत्ति का कोई वैध स्रोत सामने नहीं आ सका।
एसीबी की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी के पास आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का कोई वैध या अतिरिक्त स्रोत नहीं था। आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित की। जांच पूरी होने के बाद एसीबी टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी, जिसके आधार पर मुकेश जाटव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।