
राजस्थान के कोटा जिले से होकर गुजर रहे दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बन रही भूमिगत सुरंग का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह सुरंग दरा घाटी के पास बनाई जा रही है, जिसका उद्देश्य दरा नाल क्षेत्र में घंटों लगने वाले जाम से वाहनों को राहत दिलाना है। मुकुंद हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र से होकर गुजर रहे इस एक्सप्रेस-वे की 4.9 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्य जीवों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और प्राकृतिक वातावरण सुरक्षित रहे।
इस बीच प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भूमिगत सुरंग का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में जुटी एजेंसियों तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री नागर ने निर्माण कर रही कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ सुरंग का पूरा दौरा किया।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारियों को काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि सुरंग का निर्माण कार्य इस वर्ष अप्रैल माह तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सुरंग की एक ट्यूब से यातायात को शुरू कर दिया जाएगा।मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सुरंग के चालू होने के बाद दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दरा क्षेत्र में लगने वाले जाम से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। साथ ही कोटा से झालावाड़ और मध्य प्रदेश की ओर आने-जाने वाले वाहन इसी मार्ग से होकर गुजरेंगे। फिलहाल यातायात अमजार पुलिया मार्ग से संचालित किया जा रहा है।