जिले के शहरी क्षेत्र में मंगलवार रात एक युवक नकली नोट चलाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। लोगों की सजगता से आरोपी को दबोच लिया गया, जबकि उसके तीन साथी मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
संदेह हुआ तो खुला राज
जानकारी के अनुसार, युवक पिछले कुछ दिनों से लगातार शहर में घूम रहा था और दुकानदारों को बार-बार केवल 500 रुपये के नोट ही दे रहा था। इस पर लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने दुर्ग मार्ग निवासी धर्मेश भारती को सूचना दी। माली समाज की महिलाओं ने भी बताया कि यह युवक कई दिनों से इलाके में मंडरा रहा था और हर बार 500 का नोट देकर ही सामान खरीद रहा था।
सब्जी मंडी में पकड़ा गया
मंगलवार रात करीब 8 बजे आरोपी सब्जी मंडी इलाके में पहुंचा और एक दुकान से सामान खरीदा। उसने फिर 500 रुपये का नोट दिया, जिसकी जांच करने पर वह नकली निकला। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक का पीछा कर पकड़ा और उसकी तलाशी ली। उसकी जेब से 500 रुपये के 10–12 नकली नोट और बरामद हुए।
पुलिस कार्रवाई
सूचना मिलते ही कोतवाली थाने से एएसआई देवीलाल मौके पर पहुंचे और युवक को थाने ले जाया गया। पूछताछ में आरोपी की पहचान वसीम के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार उसके तीन साथी मोबाइल फोन के जरिए उससे जुड़े थे, लेकिन पकड़े जाने पर वे फरार हो गए।
छोटे दुकानदार थे निशाने पर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खासतौर पर छोटे दुकानदारों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बना रहा था। उदाहरण के तौर पर, उसने एक दुकान से 90 रुपये का सामान खरीदा और बदले में 500 का नकली नोट दिया। इस तरह वह एक नकली नोट के बदले 410 रुपये असली ले जाता था। आशंका है कि आरोपी और उसके साथी इसी तरीके से कई दुकानदारों को चूना लगा चुके हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।




