
कांठ। न्यायालय के आदेश पर कांठ थाने में दर्ज हुई एफआईआर में डिलारी के हाजी नंगला निवासी लियाकत हुसैन ने कहा है कि उसने हाजी नंगला एतमाली तहसील कांठ में अपनी पत्नी फरजाना के नाम एक कृषि भूमि हाजी नंगला के महबूब से खरीदी थी।
उस वक्त महबूब ने यह जमीन साफ-सुथरी और निर्विवाद होने का भरोसा दिया था। इस भूमि का बैनामा 2006 में कराकर उन्होंने दाखिल खारिज भी करा लिया था।
तभी से वह इस जमीन पर काबिज हैं और इसको जोत बो रहे हैं। आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान पता लगा कि महबूब ने यह जमीन 1999 में चंदुपुरा गुलड़िया के चंद्रपाल, लाखन और सोमपाल को पहले से ही बेच रखी है।
जब इसका पता चला तो वह और उसकी पत्नी फरजाना बेगम और भाई रियासत अली के साथ महबूब के पास गया, आरोप है कि इसने उन्हें गालियां देते हुए मारपीट भी की। इसके बाद लियाकत हुसैन ने न्यायालय की शरण लेते हुए प्रार्थना-पत्र दिया।
जिस पर अब कांठ पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर इस मामले में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शरू कर दी है।