Sikar News: पहले मंदिर में माथा टेकने पहुंचे चोर फिर ज्वेलरी शॉप से 12 लाख के जेवर उड़ाए, अब सीधे हवालात में

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अजीतगढ़ में हुई ज्वेलरी शॉप चोरी का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी चोरी से पहले मंदिर में दर्शन करने भी गए थे। पुलिस अब चोरी के माल और गाड़ी के बारे में पूछताछ कर रही है।

श्री माता वैष्णो मंदिर में चोरी

जिले के अजीतगढ़ कस्बे में 1 सितंबर की रात ज्वेलरी शॉप से लाखों रुपए के जेवरात चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि चोरी करने से पहले दोनों आरोपी वीर हनुमान मंदिर में दर्शन करने भी गए थे। अब पुलिस उनसे चोरी का माल और वारदात के दौरान काम में ली गई गाड़ी की बरामदगी को लेकर पूछताछ कर रही है।

थाना प्रभारी रिया चौधरी ने बताया कि घटना अजीतगढ़ कस्बे के मुख्य मार्केट में 1 सितंबर की रात चोरी हुई थी। यहां कान्हा सोनी की ज्वेलरी शॉप के ताले तोड़कर चोर करीब 12 लाख के जेवरात चोरी कर ले गए थे। वारदात के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की और अजीतगढ़ से दिल्ली रूट तक, दिल्ली के आसपास के टोल नाकों समेत करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी अखलेश (37) को दिल्ली से और सुरजीत को धौलपुर से गिरफ्तार किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि अखलेश मूल रूप से भरतपुर का निवासी है लेकिन वर्तमान में दिल्ली में रहकर अवैध शराब बेचने का काम करता है। सुरजीत अक्सर उसके यहां आता-जाता था। दोनों ने मिलकर चोरी की साजिश रची और गाड़ी लेकर राजस्थान आए। दिन में कई जगह रैकी करने के बाद दोनों जयपुर ग्रामीण क्षेत्र स्थित वीर हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां दर्शन करने के बाद शाम तक रुके रहे। जैसे ही रात को मार्केट बंद हुआ और सड़कें सुनसान हुईं, दोनों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया और फिर दिल्ली भाग गए, फिर बाद में सुरजीत धौलपुर लौट गया।

मामले में बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि आरोपियों ने जिस गाड़ी का इस्तेमाल वारदात में किया, वह ट्रांसपोर्ट विभाग के रिकॉर्ड में स्क्रैप दर्ज है। गाड़ी के असली मालिक का भी कोई पता नहीं चल पाया है। साथ ही आने-जाने के दौरान आरोपियों ने हर टोल नाके पर नगद भुगतान किया, ताकि उनकी गाड़ी का कोई डिजिटल रिकॉर्ड तैयार न हो सके।

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