कानपुर में जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद खाद की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। शिवराजपुर ब्लॉक के जैतपुर गांव में एक दलाल ने दो किसानों को नकली डीएपी खाद की 35 बोरी बेच डाली। मामले के खुलासे के बाद कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर खाद की बोरियों को सील कर दिया। देर शाम जिलाधिकारी के आदेश पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
किसानों राहुल और अर्पित ने बताया कि उन्होंने दलाल विक्की वर्मा से 1450 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद खरीदी थी, जबकि इसका सरकारी मूल्य 1350 रुपये है। शिकायत पर रविवार रात पुलिस व कृषि विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की।

ऐसे पकड़ी गई नकली खाद
जांच में सामने आया कि खाद के दाने हाथ में रगड़ते ही पाउडर बन जा रहे थे। उनमें खड़िया और मिट्टी की गंध आ रही थी और दानों को केमिकल से काला किया गया था। टीम ने पांच सैंपल लेकर बोरियों को सील कर दिया है।
आरोपी हिरासत में
पूछताछ में पता चला कि आरोपी दलाल कानपुर के लाल बंगला, ओमपुरवा का रहने वाला है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है और इसमें किस स्तर तक नेटवर्क जुड़ा है, इसकी जांच की जाएगी।