Semiconductor industry: तेजी से बढ़ती वैश्विक मांग और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में नौकरियों की संभावनाएं कई गुना बढ़ा दी हैं। युवाओं के लिए यह करियर बनाने का बेहतरीन अवसर है।

Career Opportunities: हाल ही में, भारत ने रॉकेटों के लिए अपना पहला अंतरिक्ष-स्तरीय कंप्यूटर चिप बनाया है, जिसे विक्रम-32 कहा गया है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री आधुनिक तकनीक की रीढ़ है, फिर चाहे बात स्मार्टफोन की हो, लैपटॉप की, इलेक्ट्रिक वाहनों की या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईओटी जैसे अत्याधुनिक सिस्टम की। ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ व ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ जैसी सरकारी योजनाओं के चलते यह क्षेत्र युवाओं के लिए अपार संभावनाएं लेकर आया है। एक रिपोर्ट के अनुसार यह उद्योग 2026 तक विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त 10 लाख नौकरियां पैदा करने की ओर अग्रसर है।
तेजी से बढ़ती वैश्विक मांग और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के चलते आपके लिए यह सबसे उपयुक्त समय है कि आप इस क्षेत्र को कॅरिअर विकल्प के रूप में अपनाएं। यहां बताया जा रहा है कि आप इस सुनहरे अवसर का लाभ कैसे उठाएं और इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए खुद को कैसे तैयार करें?

सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को समझें
सबसेे पहले यह जानना जरूरी है कि सेमीकंडक्टर वास्तव में होते क्या हैं। यह उद्योग डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग जैसे चरणों में विभाजित होता है। साथ ही, चिप डिजाइनर व मैन्युफैक्चरर के बीच क्या अंतर है, कैड (सीएडी) और वीएलएसआई जैसे डिजाइन टूल्स कैसे काम करते हैं और फैब्रिकेशन लैब्स की क्या भूमिका होती है, इनकी समझ विकसित करें।

सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर पीएचडी तक
आप इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रुमेंटेशन, कंप्यूटर साइंस, वीएलएसआई डिजाइन में बीटेक/बीई करने के बाद माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर भौतिकी, एंबेडेड सिस्टम में एमटेक/एमई कर सकते हैं। शोध के लिए पीएचडी का विकल्प भी है।
आप वीएलएसआई डिजाइन, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में डिप्लोमा कोर्स अथवा चिप डिजाइन, पीसीबी डिजाइन, एएसआईसी, एफपीजीए में सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। एनपीटीईएल, स्किल इंडिया (apprenticeshipindia.gov.in) व स्वयं प्लेटफॉर्म (swayam.gov.in) सेमीकंडक्टर टेक्नीशियन व ऑपरेटर के लिए शॉर्ट टर्म कोर्स तथा अप्रेंटिस ट्रेनिंग प्रोग्राम की पेशकश करते हैं। आईआईटी व एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान छह महीने से लेकर एक साल तक के ऑनलाइन/ऑफलाइन एडवांस डिप्लोमा कोर्स चलाते हैं।

इंटर्नशिप और ट्रेनिंग
इसरो, डीआरडीओ, बीईएल व सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी (एससीएल) जैसी संस्थाएं इंजीनियरिंग या समकक्ष पाठ्यक्रम के छात्रों को इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका देती हैं। इंटेल इंडिया, माइक्रोन, क्वालकॉम, आईआईटी/एनआईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स लैब और सी-डैक, समीर, आईआईएससी, बंगलूरू जैसे संस्थान भी ऐसे ही कार्यक्रमों की पेशकश करते हैं।