इंदौर। पातालेश्वर मोक्षधाम में ऐसी गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने परिजनों की आस्था और भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई। रामबाग निवासी नरेश मालवी ने बताया कि अपनी मां के अंतिम संस्कार के बाद जब वे खारी विसर्जन के लिए अस्थियां लेने पहुंचे, तो वहां कुछ भी नहीं मिला। मजबूरन परिजनों को केवल चिता की बची राख से ही परंपरा निभानी पड़ी।

अस्थियां न मिलने से सदमे में परिवार
नरेश मालवी ने बताया कि शनिवार को उनकी माताजी चंद्राबाई पति स्व. रामप्रसाद मालवी का अंतिम संस्कार पातालेश्वर मोक्षधाम में किया गया था। रविवार को परिवारजन चिता स्थल पर पूजा-अर्चना कर लौटे थे। सोमवार सुबह अस्थियां लेने पहुंचे तो न तो अस्थि-पात्र मिला और न ही कोई संतोषजनक जवाब कर्मचारियों के पास था।
आस्था के साथ खिलवाड़
पीड़ित परिवार का कहना है कि अस्थियां गायब होना या बदल जाना बेहद गंभीर मामला है। यह न सिर्फ धार्मिक परंपराओं से खिलवाड़ है बल्कि मोक्षधाम की अव्यवस्था को भी उजागर करता है। परिवार और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करे।
लंबे समय से अव्यवस्था
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि पातालेश्वर मोक्षधाम में पिछले तीन महीनों से अव्यवस्था बनी हुई है। नए शेड का निर्माण कार्य चलने से एक ही शेड में दो-दो चिताएं जलानी पड़ रही हैं। इसके कारण अस्थियां सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। साफ-सफाई की कमी, पानी की दिक्कत और कर्मचारियों की लापरवाही की शिकायतें भी पहले कई बार उठ चुकी हैं।
परिजनों की मांग
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मोक्षधाम की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस तरह के अपमान और पीड़ा से न गुजरना पड़े।