हर्षित हत्याकांड: शराब पीते समय रुपयों को लेकर विवाद, फिर घेरकर सिर में मारी गोली, बचने का भी नहीं मिला माैका

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

मुरादाबाद, 30 अगस्त — नगर निगम की दुकान दिलाने के नाम पर लिए गए ₹5 लाख की रकम को लेकर हुए विवाद में डूडा संविदाकर्मी हर्षित ठाकुर (30) की हत्या कर दी गई। शुक्रवार रात पुलिस मुठभेड़ में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से दो के पैर में गोली लगी है।

Harshit Murder Case: Dispute Over Money While Drinking Alcohol, Then  Surrounded And Shot In The Head - Amar Ujala Hindi News Live - हर्षित  हत्याकांड:शराब पीते समय रुपयों को लेकर विवाद, फिर

📌 हत्या की पृष्ठभूमि:

चार महीने पहले हर्षित ने दिल्ली रोड पर दुकान दिलाने के नाम पर अभिषेक सैनी से ₹5 लाख लिए थे। दुकान न मिलने पर बुधवार को पंचायत हुई, जहां हर्षित ने रकम लौटाने से टालमटोल किया। उसी रात नया मुरादाबाद में शराब पार्टी के दौरान झगड़ा हुआ। बाद में आरोपियों ने हर्षित का पीछा किया और गर्दन पर गोली मारकर हत्या कर दी।

🚨 हत्या की साजिश और घटनाक्रम:

  • बुधवार रात हर्षित अपने दोस्त आकाश मिश्रा को छोड़कर घर लौट रहा था।
  • गुरुवार सुबह उसकी लाश वर्ना कार की ड्राइविंग सीट पर मिली, गर्दन पर गोली का निशान था।
  • सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि हमलावरों ने पहले कार के शीशे तोड़े, फिर गोली मारी।

👥 आरोपी और गिरफ्तारी:

  • अभिषेक सैनी, शुभम ठाकुर, मो. वासित, अनमोल जाटव, और राहुल पांडेय को गिरफ्तार किया गया।
  • शुभम और वासित के पैर में गोली लगी, दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • सभी आरोपी एक साझा फर्म चलाते थे, जहां कागज तैयार होता है। दुकान मिलने पर उसे राजेश पांडेय और अनमोल से चलवाने की योजना थी।

🕵️‍♂️ पुलिस कार्रवाई:

  • एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि हत्या की वजह ₹5 लाख की रकम थी, जिसे हर्षित वापस नहीं कर रहा था।
  • मुठभेड़ के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, लेकिन पुलिस ने उन्हें घेरकर दबोच लिया。
  • हत्या की साजिश में शामिल सभी पांच आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।