कानपुर | कमिश्नरी पुलिस ने गुरुवार शाम को एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का पुनर्गठन कर दिया है। यह निर्णय गंभीर मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने आरोपियों द्वारा लगाए जा रहे पक्षपात के आरोपों और बढ़ती शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया।

🔄 पुरानी टीम को किया गया विस्थापित पांच महीने पहले गठित एसआईटी की अध्यक्षता डीसीपी क्राइम कर रहे थे, जिसमें एडीसीपी क्राइम, एडीसीपी सेंट्रल और एडीसीपी एलआईयू शामिल थे। यह टीम अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके साथियों के खिलाफ जांच कर रही थी, जिसके आधार पर शहर के कई थानों—बर्रा, किदवईनगर, कोतवाली, ग्वालटोली, कल्याणपुर—में एफआईआर दर्ज की गई थी।
📈 शिकायतों और विवादों में वृद्धि जांच के दौरान तीन क्षेत्राधिकारी, एक इंस्पेक्टर और केडीए के पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई। इन्हें बयान के लिए बुलाया गया है। इस बीच एसआईटी पर एकतरफा कार्रवाई और बिना पर्याप्त साक्ष्य के फंसाने के आरोप लगे। एक सदस्य को धमकी भरे कॉल भी मिले, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठे।
👥 नई एसआईटी टीम के सदस्य
- अध्यक्ष: डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता
- सदस्य: एडीसीपी दक्षिण योगेश कुमार, एडीसीपी मुख्यालय अर्चना सिंह
- एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय, एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय
- एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया, एसीपी बाबूपुरवा दिलीप कुमार सिंह
- एसीपी स्वरूपनगर इंद्रप्रकाश सिंह
📊 समीक्षा और निगरानी व्यवस्था
- संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार करेंगे सभी जांचों की समीक्षा
- एफआईआर और कोर्ट संबंधी कार्रवाई की समीक्षा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध वीके सिंह करेंगे
- दोनों अधिकारी हर सप्ताह पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपेंगे