
तहसील गेट के पास मंगलवार दोपहर रिपोर्ट लगाने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल मेडिकल वर्मा और उसके प्राइवेट मुंशी शिवम कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बुधवार को दोनों को वाराणसी की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के परियावां निवासी अनिल गौतम का आबादी की जमीन पर कच्चा मकान कुछ दिन पहले गिर गया था। इस पर वह पक्का मकान बनाने की तैयारी में जुटा था जबकि पड़ोसी निर्माण कार्य में अड़ंगा डाल रहे थे। ऐसे में अनिल ने अपने गिरे कच्चे मकान की रिपोर्ट लगाने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल मेडिकल वर्मा से संपर्क किया। लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने के नाम पर उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इससे आहत होकर अनिल ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। मंगलवार को टीम की योजना के अनुसार, लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। अनिल ने लेखपाल से बात कर रुपये लेने के लिए तहसील गेट के पास सुरेंद्र शुक्ला के किराए के कमरे में बुलाया। जैसे ही जेठवारा थाना क्षेत्र के संडवाखास शीतलपट्टी निवासी लेखपाल मेडिकल वर्मा और उनका प्राइवेट मुंशी शिवम कुमार निवासी ककरिहा थाना नवाबगंज रिश्वत के रुपये लेने लगे। तभी एंटी करप्शन प्रयागराज टीम के निरीक्षक रवींद्र सिंह, निरीक्षक राकेश बहादुर सिंह, उप निरीक्षक अर्जुन सिंह ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। लेखपाल को रिश्वत लेते पकड़े जाने की जानकारी होते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिर एंटी करप्शन की टीम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर नवाबगंज थाने ले गई जहां उनसे पूछताछ होती रही। मामले में एंटी करप्शन टीम की ओर से दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। इस संबंध में एसडीएम वाचस्पति सिंह ने बताया कि रिश्वत लेते लेखपाल के पकड़े जाने की सूचना मिली है। विभागीय कार्यवाही के तहत उसे निलंबित कर दिया जाएगा।
विदित हो कि इससे पहले भी रानीगंज के कानूनगो प्रदीप दुबे, पट्टी तहसील के लेखपाल, बीएसए कार्यालय के कर्मचारी व सीएमओ कार्यालय की महिला अफसर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं।