मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में शनिवार देर शाम गणेश प्रतिमा ले जाते समय एक युवक की मौत के बाद प्रशासन सख्त हो गया। हादसे के अगले ही दिन रविवार को पातोंडा रोड स्थित सम्राट मौर्य आर्ट सेंटर को सील कर दिया गया, जहां से बड़ी संख्या में प्रतिमाएं तैयार होती थीं। इसके साथ ही प्रशासन ने 10 फीट से ऊंची और पीओपी से बनी मूर्तियों को ले जाने पर पाबंदी लगा दी।
इस कार्रवाई के बाद स्थिति बिगड़ गई। महाराष्ट्र के जलगांव, पाचोरा, खामगांव, चालीसगांव, मलकापुर, आकोला, अमरावती और बुलढाणा सहित 40 से ज्यादा गांवों के गणेश मंडल अपनी बुकिंग की प्रतिमाएं लेने पहुंचे, लेकिन सेंटर पर ताला देख सभी निराश हो गए। नाराज़ श्रद्धालु दिनभर लालबाग थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे।
महाराष्ट्र सीएम दफ्तर तक पहुंची गुहार
दिनभर पुलिस समझाइश और विरोध का दौर चलता रहा। लोग महीनों पहले की गई बुकिंग का हवाला देते हुए प्रतिमाएं सौंपने की मांग कर रहे थे। जब समाधान नहीं निकला, तो महाराष्ट्र से आए गणेश मंडलों ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय से संपर्क किया और गुहार लगाई।
हाई प्रोफाइल मामला बनते ही खुला ताला
शाम को फडणवीस कार्यालय के ओएसडी अमोल पाटनकर ने मध्यप्रदेश सीएम डॉ. मोहन यादव को इस मामले की जानकारी दी। इसके बाद तुरंत बुरहानपुर जिला प्रशासन को निर्देश मिले और प्रतिमाएं ले जाने की अनुमति दे दी गई।
जैसे ही गणेश मंडलों को अपने बप्पा को ले जाने की इजाज़त मिली, वहां मौजूद युवाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। मंडलों ने ज़ोरदार नारेबाजी करते हुए मध्यप्रदेश सीएम का आभार भी जताया।