अमेठी जिले के रुदौली गांव में हुए मां-बेटे की हत्या के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रामा के सिर पर चार और बेटे आकाश के सिर पर पांच गहरे घाव मिले हैं। दोनों के चेहरे पर भी कई चोटों के निशान पाए गए, जिससे यह साफ है कि हत्यारोपी ने सिर और चेहरे को ही मुख्य निशाना बनाया था। मौत का कारण गंभीर चोटें (एंटीमार्टम इंजरी) बताई गई है।
गुरुवार देर शाम पोस्टमार्टम हाउस से शव गांव लाए गए तो पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल छा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात इतनी अचानक हुई कि मां-बेटे को बचाव का कोई मौका नहीं मिल सका। घटनास्थल पर संघर्ष के निशान न के बराबर थे।

खेत में दिया वारदात को अंजाम
चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी रामराज ने मां-बेटे को उनके घर पर निशाना बनाने के बजाय खेत में ही मार डाला। खेत गांव की आबादी से लगभग एक किलोमीटर दूर है। वारदात के समय पास ही करीब 400 मीटर दूरी पर दो लोग मौजूद थे, लेकिन वे बीचबचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। ग्रामीणों का कहना है कि रामराज की बेटी के सिर पर जो बोरी रखी थी, उसी में हत्या के हथियार छिपाए गए थे।
गांव में चर्चाओं का केंद्र बना आरोपी का व्यवहार
ग्रामीणों के मुताबिक रामराज का स्वभाव शुरू से ही झगड़ालू था, जिसके चलते गांव के लोग उससे दूरी बनाए रखते थे। वहीं, मृतका रामा का व्यवहार मिलनसार था, इसलिए गांव की महिलाएं उनके पक्ष में बातें करती नजर आईं।
पुराने विवाद से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार मृतक रामा के पति उदयराज की 15 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद रामा अपने दोनों बेटों के साथ गांव लौट आईं। आर्थिक हालात पहले से ही कमजोर थे। पांच साल पहले रामराज और रामा के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें दोनों का चालान भी हुआ था।
तीन साल पहले रामा के ससुर की मौत के बाद जमीन का बंटवारा हुआ। रामा को 10 बिस्वा जमीन मिली थी। उतनी ही जमीन रामराज और उनकी मां जगपता के हिस्से आई थी। बाद में रामराज ने चालबाजी कर मां से भी जमीन अपने नाम करा ली थी।
सात दिन पहले जताई थी नाराजगी
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजीव सिंह ने बताया कि करीब सात दिन पहले रामराज उनसे मिलने आया था। उसने आरोप लगाया था कि उसका भतीजा आकाश धान की फसल में कीटनाशक दवा डालकर फसल खराब कर रहा है। हालांकि प्रधान प्रतिनिधि ने उसे समझाने की कोशिश की और कहा कि आकाश ऐसा नहीं करेगा, पर रामराज का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
एंबुलेंस नहीं पहुंची समय पर
वारदात के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने कई बार 108 पर कॉल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। खेत तक एंबुलेंस का रास्ता खराब होने से शव और घायलों को ग्रामीणों की मदद से गाड़ियों तक लाना पड़ा। सीएमओ ने इस लापरवाही की जांच कराने की बात कही है।
परिवार में बाकी सदस्य
रामा का दूसरा बेटा विक्रम लुधियाना में नौकरी करता है। हत्या की खबर मिलते ही वह घर लौटने के लिए रवाना हो गया है।
इस दोहरे हत्याकांड से पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। पुलिस आरोपी रामराज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।