Hariharan On Receiving Honorary Doctorate: गजल की दुनिया में ऊंचा मुकाम हासिल कर चुके गायक हरिहरन को हाल ही में टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी की ओर से ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर का सम्मान मिला है। इस पर उन्होंने क्या कुछ कहा, चलिए आपको बताते हैं।

भारतीय संगीत जगत के दिग्गज और गजलों के बादशाह कहे जाने वाले सिंगर हरिहरन को हाल ही में एक बड़ा सम्मान मिला है। कोलकाता स्थित टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी ने उन्हें ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर से नवाजा है। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद थीं, जिन्हें इसी उपाधि से सम्मानित किया गया। हरिहरन ने इसे अपने लिए गर्व और सौभाग्य का पल बताया।
मानद डॉक्टरेट मिलने पर सिंगर हरिहरन ने कहा कि ये सम्मान सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे भारतीय संगीत जगत के लिए है। उन्होंने इसे अपने सफर का प्रेरणादायक पड़ाव बताया और आने वाली पीढ़ी के कलाकारों से रिक्वेस्ट की कि वो मेहनत और लगन से संगीत साधना करें।
करीब चार दशकों से भारतीय संगीत को अपनी आवाज से समृद्ध कर रहे हरीहरन ने इस मौके पर कहा कि ये बहुत खुशी की बात है। उन्होंने कहा मेरे लिए गर्व का पल है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए रियाज बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, बिना अभ्यास और लगातार सीखने की लगन के कोई भी गायक लंबे समय तक टिक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि संगीत सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि साधना है और इसकी बारीकियों को समझना हर कलाकार के लिए अनिवार्य है।
अरिजीत सिंह को बताया पसंदीदा गायक
जब उनसे पूछा गया कि मौजूदा दौर में उनके पसंदीदा गायक कौन हैं, तो उन्होंने बिना झिझक अरिजीत सिंह का नाम लिया। हरिहरन ने माना कि अरिजीत की गायकी में गहराई और भावनाओं की ऐसी सच्चाई है जो उन्हें श्रोताओं के दिलों तक पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें गायकी के मामले में अरिजीत अच्छे लगते हैं।
संगीत की दुनिया में योगदान
हरिहरन सिर्फ फिल्मों के प्लेबैक गायक ही नहीं बल्कि गजल और इंडी म्यूजिक के लिए भी पहचाने जाते हैं। उनकी जुगलबंदी ए.आर. रहमान के साथ बनी कोल्ड फ्यूजन और इंडियन फ्यूजन शैली की मिसाल मानी जाती है। उन्होंने हजारों गाने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ समेत कई भाषाओं में गाए हैं। उनकी गजल एलबम्स ने भी उन्हें संगीत प्रेमियों के बीच अमिट पहचान दिलाई।