
कुल्लू। लगघाटी की चौपाड़सा पंचायत के साथ भूभू जोत में बादल फटने से कुल्लू-कालंग सड़क आवाजाही के लिए बंद पड़ गई है। सड़क पर रूजग और तेलंग में बने दो बस योग्य पुल बह गए हैं। इससे घाटी की दुर्गम चार पंचायतों फलाण, मानगढ़, डुंगरीगाहर और फलाण का संपर्क का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से ग्रामीणों को आवश्यक सामान घर तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है।
गौर रहे कि मंगलवार आधी रात जब सभी आराम से सो रहे थे, उसी समय भूभू जोत में बादल फटा। इससे भूभू नाला का जलस्तर बढ़ा और सरवरी खड्ड के साथ मिलकर दोनों ने रूजग और तेलंग में बने पुलों को बहाया। इससे चार पंचायतों के हजारों ग्रामीणों की समस्याएं अब बढ़ गई हैं। घर की रसोई से लेकर निर्माण सामग्री तक हर तरह की परेशानी से ग्रामीणों को जूझना पड़ेगा। ग्राम पंचायत चौपाड़सा की वार्ड सदस्य मीरा देवी ने कहा कि बादल फटने से पंचायत में तबाही मची है। कई बीघा उपजाऊ भूमि के साथ दो मकान, तीन दुकानें बही हैं। इसके अलावा क्षेत्र में दो पुल बहे हैं, जिससे ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ी हैं। पुलों के बहने से चार ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को राशन संबंधी दिक्कतें पेश आएगी। जिला मुख्यालय से संपर्क कटने से रोजमर्रा का सामान भी पंचायतों तक नहीं पहुंच पाएगा। जब तक पुल तैयार नहीं हो जाते समस्या जारी रहेगी।
किसानों-बागवानों के साथ मरीजों को दिक्कतें
बादल फटने से रूजग और तेलंग में पुल बहने से चार पंचायतें सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों को रूजग से तेलंग तक पांच से छह किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ेगा। ऐसे में किसानों-बागवानों, विद्यार्थियों और मरीजों की दिक्कतें अधिक बढ़ेगी।
-रेशमा देवी, प्रधान ग्राम पंचायत फलाण
2023 में भी कटा था पुल बहने से संपर्क
साल 2023 में आई प्राकृतिक आपदा में भी इन चार पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा था। रूजग में ही कुल्लू-कालंग सड़क पर बना पुल बह गया था, जिससे ग्रामीणों को कई महीनों तक दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। वही समस्या दोबारा ग्रामीणों के समक्ष उत्पन्न हो गई है।