Kanpur News: झूठे मुकदमे में फंसाने और रंगदारी मांगने के मामले में जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथी पर पुलिस ने दो नई धाराएं जोड़ी हैं। इन धाराओं में उन्हें न्यायिक हिरासत में लेने के लिए आज को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

कानपुर में भाजपा नेता को झूठे मुकदमे में फंसाकर रंगदारी मांगने और धमकाने के मामले में जेल भेजे गए अधिवक्ता अखिलेश दुबे और आयुष उर्फ लवी मिश्रा पर विवेचक ने सबूतों के आधार दो और धाराएं बढ़ाई हैं। इन धाराओं में दोनों की न्यायिक हिरासत में लेने की अर्जी सीजेएम कोर्ट में दाखिल की गई। वहीं, कोतवाली में अधिवक्ता की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी वसूलने से संबंधित मुकदमे में भी अखिलेश दुबे की न्यायिक हिरासत मंजूर करने के लिए विवेचक की ओर से अर्जी कोर्ट में दी गई।
दोनों ही अर्जियों पर सीजेएम सूरज मिश्रा ने अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को मंगलवार को कोर्ट में तलब कर लिया है। भाजपा नेता रवि सतीजा ने पॉक्सो एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कर रंगदारी मांगने के आरोप में अखिलेश दुबे व उसके साथियों पर बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में विवेचक ने कोर्ट से सात धाराओं में अखिलेश व लवी की न्यायिक हिरासत मंजूर करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने पर्याप्त सबूत न होने पर सिर्फ तीन धाराओं में ही न्यायिक हिरासत मंजूर की थी।

कोर्ट ने दोनों को कर लिया है तलब
विवेचना के दौरान पुलिस ने कुछ और सबूत जुटाएं हैं, जिनके आधार पर विवेचक ने अखिलेश और लवी पर धारा 308 (7) और 61 (2) की बढ़ोतरी करने की बात कही है। दोनों के खिलाफ किसी को मौत या उम्रकैद से संबंधित सजा वाले मुकदमे का डर दिखाकर रंगदारी वसूलने और आपराधिक षड्यंत्र रचने से संबंधित सबूत मिलने की बात कही है। इन दोनों धाराओं में न्यायिक हिरासत मांगने की अर्जी पर कोर्ट ने दोनों को तलब कर लिया है। इसी तरह कोतवाली में एक अधिवक्ता ने अखिलेश दुबे व पप्पू स्मार्ट समेत दस नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

एक लाख देने के बाद भी नहीं माने ये लोग
इसमें कहा था कि उन्होंने राजा ययाति के किले और लोक निर्माण विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले हिस्ट्रीशीटर पप्पू स्मार्ट के गिरोह के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इससे रंजिश मानकर गिरोह के लोगों ने अखिलेश दुबे के साथ मिलकर उन्हें पॉक्सो एक्ट के दो झूठे मुकदमों में फंसा दिया और इन्हें खत्म कराने के नाम पर दस लाख रुपये रंगदारी मांगी। प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने एक लाख रुपये दिए, लेकिन इसके बाद भी यह लोग नहीं माने। इस मुकदमे में भी अखिलेश दुबे न्यायिक हिरासत में लेने के लिए विवेचक ने कोर्ट में अर्जी दी है। इस मामले में भी कोर्ट ने अखिलेश को तलब कर लिया है।