VP Poll: एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह अच्छी बात है, लेकिन फैसला इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद लिया जाएगा। अखिलेश ने चुनाव आयोग पर पिछड़ी जातियों के वोट जानबूझकर काटने और भाजपा की ज्यादा सुनने का भी आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की।

विस्तार
महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, उपराष्ट्रपति का पद खाली है। पहले जो उपराष्ट्रपति थे, वो अब कहां हैं? एक नया उपराष्ट्रपति चुना जाएगा। यह एक अच्छी बात है। हम क्या फैसला लेंगे, यह अलग बात है। हम बैठकर तय करेंगे।
उन्होंने कहा, राजनाथ सिंह एक वरिष्ठ नेता हैं। वह उत्तर प्रदेश से हैं। वह रक्षा मंत्री हैं। अगर वह बात करेंगे, हम बात करेंगे और अगर बातचीत की जरूरत होगी, तो हम बात करेंगे। लेकिन हमारी राजनीतिक लाइन स्पष्ट है। अब इंडिया ब्लॉक को फैसला करना है।
चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, वह जानबूझकर पिछड़ी जातियों के वोट काटता है और मीडिया के जरिए यह दिखाया जाता है कि उन्हें पिछड़ों का समर्थन मिल रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि उनके वोट ही काटे जा रहे हैं। हमारी सिर्फ इतनी मांग है कि अगर किसी जिलाधिकारी (डीएम) को सस्पेंड कर दिया जाए, तो पूरे देश में एक भी वोट नहीं कटेगा।
भाजपा की ज्यादा सुनता है चुनाव आयोग: अखिलेश यादव
उन्होंने आगे कहा, 2017 के चुनाव में चुनाव आयोग ने कई अधिकारियों को हटाया था। लेकिन 2019, 2022 और 2024 में एक भी अधिकारी नहीं हटाया गया। समाजवादी पार्टी की सरकार में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह सचिव तक बदले गए थे, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद यूपी में एक भी अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक भी शिकायत पर कोई अधिकारी नहीं हटाया गया। क्यों? इसका मतलब है कि चुनाव आयोग भाजपा की ज्यादा सुनता है। अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया, छिबरामऊ के एक भाजपा विधायक ने अपने बूथ पर 400 फर्जी वोट डलवाए थे। हमने उनमें से 200 से ज्यादा फर्जी वोट हटवाए।
दिल्ली में सपा मुखिया ने कहा, मैं रिकॉर्ड पर कह रहा हूं कि जब ममता दीदी (बनर्जी) विधानसभा चुनाव हारी थीं, तब चुनाव आयोग सीधे थाना प्रभारी (एसओ) और पुलिस अधिकारियों से बात कर रहा था। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, अनुराग ठाकुर ने भी कन्नौज को लेकर कुछ कहा था। लेकिन अगर ठाकुर पहले जोड़ दिया जाए, तो उसका मतलब ही बदल जाता है। हमारी बस इतनी सी मांग है कि बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) की नियुक्ति जाति के आधार पर न हो। पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति भी जाति के आधार पर न की जाए। उन्होंने दोहराया, मैं रिकॉर्ड पर कह रहा हूं कि जब ममता दीदी विधानसभा चुनाव हारी थीं, तब चुनाव आयोग सीधे एसओ और पुलिस अधिकारियों से बात कर रहा था।