यूपी के बागपत जिले से दिल दहलाने वाली वारदात सामने आई है। एक किशोरी ने मौलवी के बेटे का कत्ल कर दिया। 11 माह के मासूम को किशोरी ने बेड में बंद करके मार डाला। आरोपी किशोरी डेढ़ माह पहले मदरसे में शिक्षा ग्रहण करने आई थी।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के टांडा गांव में दारूल उलूम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसे में पिटाई से क्षुब्ध किशोरी ने मौलवी शहजाद के गोद लिए बेटे दलहा (11 माह) को शनिवार की रात कपड़े में लपेटकर बेड में रजाई समेत अन्य कपड़ों के नीचे दबा दिया। दम घुटने से बच्चे की मौत हो गई। आरोपी किशोरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
टांडा गांव में दारूल उलूम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसे में जिले के अलावा शामली और मुजफ्फरनगर की 40 किशोरी धार्मिक तालीम हासिल कर रही हैं। वे सभी मदरसे में रहती हैं। मदरसे के मौलवी शहजाद को रविवार सुबह अपना 11 माह का बेटा दलहा नहीं मिला।

दलहा को मौलवी ने मुजफ्फरनगर के चरथावल निवासी अपने साले सरताज से गोद लिया था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में शनिवार रात किशोरी कमरे में जाती और वापस आती दिखाई दी। पूछताछ करने पर किशोरी ने बेड में रजाई समेत अन्य कपड़ों के नीचे दबाए दलहा को बरामद कराया।

पुलिस को किशोरी ने बताया कि एक माह पहले उसे चोरी से रखे गए मोबाइल पर बात करने पर मौलवी शहजाद और उसकी पत्नी ने पीटा था और उसके परिजनों को भी बुलाकर पिटवाया। उसने मौलवी को सबक सिखाने की ठान ली और शनिवार रात बेड में दबाकर उसके बेटे को मार डाला। पोस्टमार्टम में बच्चे की मौत का कारण दम घुटना आया है।
टांडा गांव में मदरसे में शनिवार रात आरोपी किशोरी एक माह के गुस्से को 52 सेकंड में उतारकर आराम से सो गई। रविवार सुबह नींद से जागी तो मदरसे में अफरा-तफरी का माहौल मिला। सभी 11 महीने के दलहा को तलाश रहे थे। बच्चे को लेकर लड़कियों से भी पूछताछ की जा रही थी। यह देखकर भी आरोपी किशोरी ने अपनी करतूत के बारे में किसी को नहीं बताया।

मदरसे से शनिवार रात लापता हुए दलहा की बरामदगी को लेकर परिवार वालों ने कई घंटे तक आसपास उसे तलाश किया। उसका कुछ पता नहीं चलने पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में हत्यारोपी किशोरी शनिवार रात करीब 12 बजकर आठ मिनट पर मदरसे में बने हॉल से उठकर मौलवी शहजाद के कमरे में जाती हुई दिखी। इसके तुरंत बाद बाहर निकलकर वापस अपने हॉल में आकर सो जाती है।

बालक की मौत के बाद मदरसे के बाहर लोगों की भीड़
हत्यारोपी किशोरी ने मौलवी के कमरे के अंदर जाने और बाहर आने में सिर्फ 52 सेकंड ही लगाए। उस दौरान एक अन्य किशोरी भी कमरे के पास से गुजरती हुई नजर आई। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाकर किशोरी से पूछताछ की गई तो उसने बच्चे दलहा को कपड़े में लपेटकर बेड में रजाई समेत अन्य कपड़ों के नीचे छिपाने की बात कही और बच्चे को बरामद कराया।

बालक की मौत के बाद घटना की जांच करते पुलिसकर्मी
साले का पत्नी से तलाक होने पर मौलवी ने गोद ले लिया था बेटा
मौलवी शहजाद ने बताया कि उसके परिवार में तीन बेटियां हैं और ससुराल मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल गांव में है। उसके साले सरताज का पत्नी से विवाद हो गया और उनके बीच सात माह पहले तलाक भी हो गया।
मौलवी शहजाद ने बताया कि उसके परिवार में तीन बेटियां हैं और ससुराल मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल गांव में है। उसके साले सरताज का पत्नी से विवाद हो गया और उनके बीच सात माह पहले तलाक भी हो गया।

बच्चे की मौत के बाद मौके पर एकत्र भीड़।
तलाक होने के बाद ट्रक चालक सरताज के सामने चार माह के बेटे दलहा के पालन पोषण की समस्या बन गई। इसका पता चलने पर मौलवी शहजाद ने सरताज के बेटे को गोद ले लिया।

बच्चे को गोद में लिए परिजन।
मदरसे की नहीं मान्यता, कई जिलों की लड़कियां रह रहीं
जिले में 131 मदरसे संचालित हैं। इनमें से सिर्फ तीन ही मान्यता प्राप्त हैं। अन्य मदरसे बिना मान्यता प्राप्त ही संचालित किए जा रहे हैं। टांडा गांव में दारूल उलूम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसा भी बिना मान्यता प्राप्त संचालित किया जा रहा है। वहां पर धार्मिक शिक्षा ग्रहण करने वाली लड़कियों के लिए अस्थायी व्यवस्था तैयार की गई है।
जिले में 131 मदरसे संचालित हैं। इनमें से सिर्फ तीन ही मान्यता प्राप्त हैं। अन्य मदरसे बिना मान्यता प्राप्त ही संचालित किए जा रहे हैं। टांडा गांव में दारूल उलूम मुजफ्फरिया लिल बनात मदरसा भी बिना मान्यता प्राप्त संचालित किया जा रहा है। वहां पर धार्मिक शिक्षा ग्रहण करने वाली लड़कियों के लिए अस्थायी व्यवस्था तैयार की गई है।

बिना मान्यता प्राप्त मदरसे में बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों के गांवों की 40 लड़कियां रहकर धार्मिक शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इस मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद तिवारी का कहना है कि टांडा का मदरसा मान्यता प्राप्त नहीं है।