इराक में रोजगार की तलाश में गए छह भारतीय युवक वहां नर्क जैसी जिंदगी गुजारने के बाद सुरक्षित भारत लौट आए हैं। इनमें चार युवक पंजाब के हैं और दो पड़ोसी राज्य हिमाचल के रहने वाले हैं।

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पंजाब के उद्योग, वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और प्रवासी भारतीय मामलों के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के निरंतर प्रयासों और पंजाब सरकार के सहयोग से छह भारतीय नागरिक (चार पंजाब के निवासी और दो हिमाचल प्रदेश के निवासी) आज इराक से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित पहुंच गए। जहां वे कष्टदायक परिस्थितियों में रह रहे थे।
वापस लौटने वालों में सौरव (निवासी तरनतारन, पंजाब), गुरप्रीत सिंह (गांव चौंता, जिला लुधियाना, पंजाब), संजीव कुमार (शेरपुर बहतियां, जिला होशियारपुर, पंजाब), अभिलाष कुमार (शेरपुर बहतियां, जिला होशियारपुर, पंजाब), तारा चंद (जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश) और चरणजीत स्वामी (जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश) शामिल हैं। इन लोगों ने उन्हें वतन वापस लाने में निर्णायक हस्तक्षेप के लिए अरोड़ा और पंजाब सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
अरोड़ा ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के समक्ष यह मामला उठाया था और बताया कि ये लोग इराक में बहुत मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, जहां वे रोजगार की तलाश में गए थे। कथित तौर पर उन्हें पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला था और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था। अपनी सुरक्षा और कल्याण के लिए चिंतित, उन्होंने भारत लौटने की तीव्र इच्छा व्यक्त की थी। उनकी दुर्दशा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अरोड़ा ने केंद्रीय मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप का औपचारिक अनुरोध किया और उनकी सुरक्षित वापसी में तेजी लाने के लिए इराक दूतावास को कई ईमेल भी भेजे। हाल के दिनों में यह दूसरा ऐसा सफल मिशन है।
छह दिन पहले चार अन्य पंजाबी गुरप्रीत सिंह, सुरजीत सिंह, अमरजीत सिंह और अवतार सिंह ऐसी ही परिस्थितियों में इराक से लौटे थे। यह भी अरोड़ा और पंजाब सरकार के संयुक्त प्रयासों से ही संभव हुआ था। अरोड़ा ने कहा कि हर भारतीय की सुरक्षा और सम्मान, चाहे वे दुनिया में कहीं भी हों, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


